शंघाई सहयोग संगठन (SCO): UPSC के लिए 360° विश्लेषण

ARIvidya | अंतरराष्ट्रीय संबंध | UPSC GS पेपर II

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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) यूरेशिया का एक क्षेत्रीय संगठन है, जो सुरक्षा, राजनीतिक सहयोग तथा आर्थिक और सांस्कृतिक संपर्क पर ध्यान देता है। यह भारत को चीन, रूस, मध्य एशियाई देशों और अन्य क्षेत्रीय भागीदारों से संवाद का मंच देता है। हालाँकि द्विपक्षीय तनाव और रणनीतिक प्राथमिकताओं में अंतर आम सहमति को सीमित करते हैं।

1. स्थापना और विकास

SCO की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। इससे पहले “शंघाई फाइव” प्रक्रिया सीमा-संबंधी मुद्दों और विश्वास-निर्माण पर केंद्रित थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने। ईरान 2023 में और बेलारूस 2024 में पूर्ण सदस्य बना। इस प्रकार स्थापना के बाद संगठन की सदस्यता और संस्थागत भूमिका का विस्तार हुआ है।

2. प्रमुख उद्देश्य

  • आपसी विश्वास और अच्छे पड़ोसी संबंधों को मजबूत करना।
  • आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद—इन “तीन बुराइयों”—के विरुद्ध सहयोग करना।
  • क्षेत्रीय स्थिरता और सीमा-संबंधी विश्वास बढ़ाना।
  • व्यापार, परिवहन, ऊर्जा, संस्कृति, शिक्षा और जन-संपर्क में सहयोग को बढ़ावा देना।
  • क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद का अवसर देना।

3. संस्थाएँ और कार्य-प्रणाली

राष्ट्राध्यक्षों की परिषद सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय है और समय-समय पर बैठक करती है। शासनाध्यक्षों की परिषद बहुपक्षीय सहयोग तथा आर्थिक प्राथमिकताओं पर ध्यान देती है। संगठन का सचिवालय बीजिंग में स्थित है, जबकि क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS) ताशकंद में है और आतंकवाद तथा संबंधित खतरों के विरुद्ध सहयोग का समन्वय करती है। संगठन मंत्रीस्तरीय बैठकों और विशेष तंत्रों के माध्यम से भी कार्य करता है।

4. भारत के लिए SCO क्यों महत्त्वपूर्ण है?

  • महाद्वीपीय संपर्क: यह मध्य एशिया से जुड़ने का मंच है, जो ऊर्जा, संपर्क और सुरक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
  • आतंकवाद-रोधी सहयोग: सूचना साझा करने और आतंकवादी नेटवर्क के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई की गुंजाइश मिलती है; परिणाम सदस्य देशों के वास्तविक सहयोग पर निर्भर करते हैं।
  • अफगानिस्तान: क्षेत्रीय संवाद आतंकवाद, अस्थिरता, मानवीय आवश्यकताओं और अफगानिस्तान से फैलने वाले प्रभावों पर चर्चा में सहायक हो सकता है।
  • बहुध्रुवीय कूटनीति: भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और अन्य देशों के साथ स्वतंत्र संबंध बनाए रखते हुए यूरेशियाई मंच में भाग ले सकता है।
  • आर्थिक संबंध: परिवहन, ऊर्जा और व्यापार में सहयोग क्षेत्रीय भागीदारी को विविध बना सकता है।

5. प्रमुख चुनौतियाँ

  • भारत-चीन तनाव: अनसुलझे सीमा मुद्दे और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा विश्वास को सीमित करते हैं।
  • भारत-पाकिस्तान तनाव: आतंकवाद संबंधी चिंताएँ और द्विपक्षीय विवाद क्षेत्रीय सहयोग को कठिन बनाते हैं।
  • प्राथमिकताओं में अंतर: सुरक्षा खतरों, प्रतिबंधों, संपर्क और क्षेत्रीय व्यवस्था को लेकर सदस्य देशों की सोच अलग-अलग है।
  • संपर्क की बाधाएँ: मध्य एशिया तक भारत की सीमित प्रत्यक्ष स्थल-मार्ग पहुँच और क्षेत्रीय राजनीतिक बाधाएँ व्यापार मार्गों को सीमित करती हैं।
  • सहमति और क्रियान्वयन: व्यापक घोषणाएँ अपने-आप ठोस समन्वित कार्रवाई में नहीं बदलतीं।

6. SCO और अन्य समूह

SCO, NATO की तरह सामूहिक रक्षा संधि वाला सैन्य गठबंधन नहीं है। इसका दायरा सुरक्षा सहयोग के साथ राजनीतिक और आर्थिक संवाद को भी समेटता है। BRICS उभरती और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापक आर्थिक तथा राजनीतिक समन्वय पर केंद्रित है। कुछ देशों की सदस्यता दोनों में हो सकती है, लेकिन उनके उद्देश्य और कार्य-प्रणालियाँ अलग हैं।

7. भारत के लिए आगे की राह

भारत को SCO का चयनात्मक और व्यावहारिक उपयोग करना चाहिए: सत्यापन योग्य आतंकवाद-रोधी सहयोग का समर्थन, संप्रभुता का सम्मान करने वाले संपर्क को बढ़ावा, मध्य एशियाई देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंध मजबूत करना, सांस्कृतिक व शैक्षिक संपर्क बढ़ाना तथा यह मानकर न चलना कि सभी सदस्य देशों की रणनीतिक सोच समान है। प्रगति का आकलन केवल शिखर सम्मेलन की घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस परिणामों से होना चाहिए।

त्वरित पुनरावृत्ति

विशेषता तथ्य
स्थापना 2001
पूर्ववर्ती प्रक्रिया शंघाई फाइव
भारत पूर्ण सदस्य बना 2017
सचिवालय बीजिंग
RATS ताशकंद
मुख्य सुरक्षा विषय आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास

प्रश्न 1. SCO की स्थापना किस वर्ष हुई?
(A) 1991 (B) 1996 (C) 2001 (D) 2010
उत्तर: (C) 2001।

प्रश्न 2. SCO सचिवालय कहाँ स्थित है?
(A) मॉस्को (B) बीजिंग (C) ताशकंद (D) अस्ताना
उत्तर: (B) बीजिंग।

प्रश्न 3. SCO का कौन-सा निकाय आतंकवाद-रोधी समन्वय से संबंधित है?
(A) RATS (B) WTO (C) APEC सचिवालय (D) IMF
उत्तर: (A) क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना।

प्रश्न 4. भारत SCO का पूर्ण सदस्य कब बना?
(A) 2001 (B) 2010 (C) 2015 (D) 2017
उत्तर: (D) 2017।

प्रश्न 5. कौन-सा कथन सबसे सटीक है?
(A) SCO, NATO जैसा सामूहिक रक्षा गठबंधन है (B) SCO केवल व्यापार से संबंधित है (C) SCO सुरक्षा सहयोग के साथ व्यापक क्षेत्रीय संवाद भी करता है (D) SCO संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है
उत्तर: (C)।

मुख्य परीक्षा अभ्यास | GS पेपर II

  1. भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान तनावों के संदर्भ में भारत की यूरेशिया नीति के लिए SCO के महत्त्व का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)
  2. “क्षेत्रीय संगठन उतने ही प्रभावी होते हैं जितनी उनके सदस्यों की राजनीतिक इच्छाशक्ति।” SCO के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (150 शब्द)
  3. रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए भारत आतंकवाद-रोधी सहयोग और मध्य एशिया से संपर्क बढ़ाने के लिए SCO का उपयोग कैसे कर सकता है? (150 शब्द)

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