26 सितंबर 2026 करेंट अफेयर्स
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समाचार • विश्लेषण • प्रारंभिक परीक्षा • मुख्य परीक्षा
1. पंजीकृत अप्रमाणित राजनीतिक दलों की वित्तीय पारदर्शिता
क्या हुआ?
पंजीकृत अप्रमाणित राजनीतिक दलों से जुड़ी वित्तीय पारदर्शिता का विषय चर्चा में रहा। यह प्रश्न राजनीतिक दलों की आय-व्यय व्यवस्था, चुनावी वित्त और धन के संभावित दुरुपयोग से जुड़ा है।
महत्त्व
लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों की वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता आवश्यक है। अस्पष्ट वित्तीय लेन-देन चुनावी प्रक्रिया में धनबल के प्रभाव और नियामकीय निगरानी से जुड़े प्रश्न उत्पन्न कर सकते हैं।
मुख्य बिंदु
- पंजीकरण और मान्यता अलग-अलग अवधारणाएँ हैं।
- राजनीतिक वित्त में पारदर्शिता निर्वाचन सुधार का महत्वपूर्ण पक्ष है।
- वित्तीय निगरानी का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना है।
- कर-व्यवस्था, चंदा, आय-व्यय और सार्वजनिक प्रकटीकरण इस विषय से जुड़े प्रमुख पहलू हैं।
राजनीतिक दलों की वित्तीय पारदर्शिता का प्रश्न मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
(क) चुनावी वित्त और नियामकीय निगरानी
(ख) केवल विदेश नीति
(ग) केवल स्थानीय प्रशासन
(घ) केवल न्यायिक नियुक्तियाँ
उत्तर: (क)
व्याख्या: राजनीतिक दलों की आय, व्यय, चंदे और वित्तीय प्रकटीकरण का संबंध चुनावी वित्तीय पारदर्शिता तथा निर्वाचन सुधार से है।
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-II: राजनीतिक दलों की वित्तीय पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए क्यों आवश्यक है? चर्चा कीजिए। (150 शब्द)
2. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो सुधार की चर्चा
क्या हुआ?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो के प्रयोग को अधिक उत्तरदायी बनाने और परिषद की प्रतिनिधिकता बढ़ाने की चर्चा प्रमुख रही। मानवीय संकटों तथा नरसंहार जैसी परिस्थितियों में वीटो के प्रयोग को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर भी विमर्श हुआ।
मुख्य तथ्य
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थापना 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अंतर्गत हुई।
- सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं।
- 5 स्थायी सदस्य — अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस।
- 10 अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष होता है।
- स्थायी पाँच सदस्यों के पास वीटो शक्ति है।
- भारत ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ जी-4 समूह का सदस्य है।
- भारत सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य कई अवधियों में रह चुका है, जिनमें 2021–22 भी शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य होते हैं।
2. पाँच स्थायी सदस्यों के पास वीटो शक्ति होती है।
3. दस अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष होता है।
4. भारत जी-4 समूह का सदस्य है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
(क) केवल एक (ख) केवल दो (ग) केवल तीन (घ) सभी चार
उत्तर: (घ) सभी चार
व्याख्या: चारों कथन सही हैं।
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-II: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए तथा भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी के प्रमुख आधारों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)
3. गिरफ्तार व्यक्तियों की तस्वीरों का सार्वजनिक प्रसार और न्याय
क्या हुआ?
गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपित व्यक्तियों की तस्वीरों और पुलिस द्वारा जारी जानकारी के सामाजिक माध्यमों पर प्रसार ने पारदर्शिता, निजता, गरिमा और निर्दोषता की धारणा से जुड़े प्रश्न उठाए हैं।
मुख्य तथ्य
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 फरार व्यक्तियों की उद्घोषणा और उसके प्रकाशन से संबंधित है।
- यह प्रावधान जाँच के शुरुआती चरण में प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति की तस्वीर सार्वजनिक करने का सामान्य आधार नहीं है।
- दंड प्रक्रिया पहचान अधिनियम, 2022 पहचान संबंधी माप और सूचनाओं के संग्रह, भंडारण तथा उपयोग से संबंधित है।
- अनुच्छेद 21 व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा करता है।
- दोष सिद्ध होने से पहले किसी व्यक्ति को अपराधी के रूप में प्रस्तुत करने से उसकी प्रतिष्ठा पर स्थायी प्रभाव पड़ सकता है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 मुख्यतः किससे संबंधित है?
(क) प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति की तस्वीर प्रकाशित करना
(ख) फरार व्यक्तियों की उद्घोषणा और उसका प्रकाशन
(ग) समाचार माध्यमों का विनियमन
(घ) दोषसिद्ध व्यक्तियों की सजा
उत्तर: (ख)
व्याख्या: धारा 84 फरार व्यक्तियों की उद्घोषणा और उसके प्रकाशन से संबंधित है।
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-II: “आपराधिक न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और व्यक्ति की गरिमा के बीच संतुलन आवश्यक है।” गिरफ्तार व्यक्तियों की सार्वजनिक पहचान के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (150 शब्द)
4. ग्रीनलैंड और आर्कटिक की नई सुरक्षा व्यवस्था
क्या हुआ?
अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच नई सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी सामने आई है। यह घटनाक्रम आर्कटिक क्षेत्र के बढ़ते सामरिक महत्व को रेखांकित करता है।
मुख्य तथ्य
- ग्रीनलैंड डेनमार्क के राज्य से संबद्ध स्वायत्त क्षेत्र है।
- अमेरिका ग्रीनलैंड में पिटुफिक अंतरिक्ष अड्डा संचालित करता है।
- स्रोत सामग्री में वहाँ लगभग 150 अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति का उल्लेख है।
- दक्षिणी ग्रीनलैंड के नार्सारसुआक तथा पूर्वी क्षेत्र के मेस्टर्सविग में सैन्य सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया गया है।
- 1951 का अमेरिका-डेनमार्क सुरक्षा समझौता ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है।
- ग्रीनलैंड का महत्व आर्कटिक सुरक्षा, समुद्री मार्ग, प्राकृतिक संसाधनों और उत्तरी अटलांटिक की सामरिक स्थिति से जुड़ा है।
ग्रीनलैंड के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीनलैंड डेनमार्क से संबद्ध स्वायत्त क्षेत्र है।
2. पिटुफिक अंतरिक्ष अड्डा ग्रीनलैंड में स्थित है।
3. 1951 के अमेरिका-डेनमार्क सुरक्षा समझौते का ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति से संबंध है।
सही उत्तर चुनिए:
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
उत्तर: (घ)
व्याख्या: तीनों कथन स्रोत में दिए गए तथ्यों के अनुरूप हैं।
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-II: आर्कटिक क्षेत्र के बढ़ते सामरिक महत्व का वैश्विक भू-राजनीति तथा भारत के हितों के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)
5. वंदे मातरम् और राष्ट्रीय प्रतीकों पर संवैधानिक विमर्श
क्या हुआ?
वंदे मातरम् के सार्वजनिक गायन, इसके विभिन्न पदों और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े संवैधानिक प्रश्न चर्चा में हैं। विषय का केंद्र राष्ट्रीय सम्मान और व्यक्ति की अंतरात्मा की स्वतंत्रता के बीच संतुलन है।
ऐतिहासिक एवं संवैधानिक तथ्य
- वंदे मातरम् की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी।
- 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने राष्ट्रीय सभाओं में इसके पहले दो पदों के उपयोग का निर्णय लिया था।
- 24 जनवरी 1950 को राजेंद्र प्रसाद ने वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान के साथ समान सम्मान दिए जाने की बात कही थी।
- भारतीय संविधान में “राष्ट्रीय गीत” के लिए अलग से स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान नहीं है।
- 1986 का बिजोय इमैनुएल मामला राष्ट्रगान के सम्मान और व्यक्तिगत अंतरात्मा की स्वतंत्रता के बीच संतुलन से संबंधित महत्वपूर्ण न्यायिक दृष्टांत है।
- विषय मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को जोड़ता है।
वंदे मातरम् के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसकी रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी।
2. 1937 में इसके पहले दो पदों के उपयोग का निर्णय लिया गया था।
3. भारतीय संविधान में “राष्ट्रीय गीत” के लिए अलग से स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान है।
4. 24 जनवरी 1950 को राजेंद्र प्रसाद ने इसे समान सम्मान दिए जाने की बात कही थी।
सही कथन कौन-से हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 1, 2 और 4 (ग) केवल 2, 3 और 4 (घ) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (ख) केवल 1, 2 और 4
व्याख्या: स्रोत सामग्री के अनुसार 1, 2 और 4 सही हैं; संविधान में राष्ट्रीय गीत के लिए अलग से स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-I/II: राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और व्यक्ति की अंतरात्मा की स्वतंत्रता के बीच संवैधानिक संतुलन की चर्चा कीजिए। (150 शब्द)
6. स्विफ्ट प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था
क्या है स्विफ्ट?
स्विफ्ट अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग संदेशों के आदान-प्रदान की एक सुरक्षित प्रणाली है। यह स्वयं बैंक या धन हस्तांतरण सेवा नहीं है, बल्कि वित्तीय संस्थाओं के बीच भुगतान संबंधी संदेशों के सुरक्षित संचार का माध्यम है।
महत्त्व
- सीमा-पार बैंकिंग संचार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय लेन-देन में इसका व्यापक उपयोग होता है।
- भू-राजनीतिक प्रतिबंधों के संदर्भ में स्विफ्ट की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।
स्विफ्ट प्रणाली के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(क) यह एक केंद्रीय बैंक है।
(ख) यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संदेशों के सुरक्षित आदान-प्रदान की प्रणाली है।
(ग) यह केवल घरेलू भुगतान के लिए है।
(घ) यह किसी देश की राष्ट्रीय मुद्रा है।
उत्तर: (ख)
व्याख्या: स्विफ्ट बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के बीच सुरक्षित वित्तीय संदेशों के आदान-प्रदान की व्यवस्था है।
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-III: अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में स्विफ्ट जैसी भुगतान-संदेश प्रणालियों की भूमिका तथा भू-राजनीतिक प्रतिबंधों के प्रभावों की चर्चा कीजिए। (150 शब्द)
7. डिजिटल संपर्क और स्मार्ट अवसंरचना
क्या हुआ?
दूरसंचार नियामक संस्था द्वारा डिजिटल संपर्क की गुणवत्ता को भवनों और संपत्तियों के स्तर पर मापने से संबंधित पहल चर्चा में रही। इसका उद्देश्य डिजिटल अवसंरचना को भी आधुनिक भौतिक अवसंरचना के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में देखना है।
महत्त्व
- दूरस्थ कार्य, ऑनलाइन शिक्षा, दूरचिकित्सा और इलेक्ट्रॉनिक व्यापार के लिए विश्वसनीय डिजिटल संपर्क आवश्यक है।
- भवनों की डिजिटल तैयारी भविष्य के स्मार्ट नगरों का महत्वपूर्ण घटक बन सकती है।
- मानकीकरण से उपभोक्ताओं और भवन विकासकर्ताओं दोनों को लाभ मिल सकता है।
डिजिटल संपर्क की गुणवत्ता का भवन-स्तर पर आकलन मुख्यतः किस उद्देश्य से संबंधित है?
(क) केवल भवन की ऊँचाई मापना
(ख) भवन की डिजिटल अवसंरचना और संपर्क क्षमता का आकलन करना
(ग) केवल बिजली की खपत मापना
(घ) केवल भूमि का मूल्य तय करना
उत्तर: (ख)
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-III: भारत के डिजिटल परिवर्तन में डिजिटल अवसंरचना को भौतिक अवसंरचना के साथ विकसित करना क्यों आवश्यक है? (150 शब्द)
8. कृत्रिम पनीर और खाद्य सुरक्षा
विषय क्यों महत्वपूर्ण है?
कृत्रिम पनीर अथवा दुग्ध-अनुकरण उत्पादों से संबंधित प्रश्न खाद्य सुरक्षा, मानकीकरण, लेबलिंग और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े हैं। उपभोक्ता को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि वह किस प्रकार का उत्पाद खरीद रहा है।
मुख्य बिंदु
- खाद्य उत्पादों में सही लेबलिंग उपभोक्ता के सूचित निर्णय के लिए आवश्यक है।
- दुग्ध-आधारित और दुग्ध-अनुकरण उत्पादों के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए।
- मानकीकरण से मिलावट और भ्रामक व्यापारिक व्यवहार पर नियंत्रण में सहायता मिलती है।
- खाद्य सुरक्षा का संबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य और उपभोक्ता संरक्षण से है।
कृत्रिम पनीर से संबंधित नियमन का सबसे प्रत्यक्ष संबंध किससे है?
(क) खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण
(ख) अंतरिक्ष अनुसंधान
(ग) मौद्रिक नीति
(घ) समुद्री सुरक्षा
उत्तर: (क)
व्याख्या: उत्पाद की संरचना, गुणवत्ता और लेबलिंग खाद्य सुरक्षा तथा उपभोक्ता के अधिकारों से सीधे जुड़ी हैं।
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-III: खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मानकीकरण, लेबलिंग और नियामकीय निगरानी की भूमिका स्पष्ट कीजिए। (150 शब्द)
9. टाइफून डुजुआन और आपदा जोखिम न्यूनीकरण
विषय का महत्त्व
टाइफून डुजुआन उष्णकटिबंधीय चक्रवातों और उनसे जुड़े आपदा जोखिमों के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे तूफानों से भारी वर्षा, तेज हवाएँ, तटीय बाढ़ और जन-धन की हानि हो सकती है।
मुख्य बिंदु
- उष्णकटिबंधीय चक्रवात गर्म समुद्री सतह और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों से ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
- तटीय क्षेत्रों में चक्रवातों का प्रभाव विशेष रूप से गंभीर हो सकता है।
- पूर्व चेतावनी, तटीय सुरक्षा, निकासी और राहत व्यवस्था आपदा जोखिम घटाने के प्रमुख उपाय हैं।
- भारत का लंबा समुद्री तट चक्रवातीय जोखिम के कारण आपदा प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के निर्माण के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति अनुकूल होती है?
(क) बहुत ठंडा समुद्री जल
(ख) गर्म समुद्री सतह और पर्याप्त आर्द्रता
(ग) अत्यधिक शुष्क वायुमंडल
(घ) केवल हिमपात
उत्तर: (ख)
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-III: भारत में चक्रवातों से होने वाली क्षति को कम करने में पूर्व चेतावनी और स्थानीय आपदा-तैयारी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)
10. सैन्य चिकित्सा सेवा और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सहायता
विषय का महत्त्व
दुर्गम, पर्वतीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों तथा स्थानीय समुदायों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाना राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सहायता दोनों से जुड़ा विषय है।
मुख्य बिंदु
- ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, ठंड और अन्य स्वास्थ्य चुनौतियाँ गंभीर हो सकती हैं।
- विशेष चिकित्सा शिविर और स्वास्थ्य अभियान निवारक तथा तात्कालिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा सकते हैं।
- ऐसी पहलें सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक-सैन्य सहयोग को मजबूत कर सकती हैं।
दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सैन्य चिकित्सा अभियानों का प्रमुख उद्देश्य क्या हो सकता है?
(क) केवल सैन्य प्रशिक्षण
(ख) सैनिकों और स्थानीय समुदायों तक आवश्यक चिकित्सा सहायता पहुँचाना
(ग) केवल आर्थिक सर्वेक्षण
(घ) केवल सड़क निर्माण
उत्तर: (ख)
मुख्य परीक्षा प्रश्न — सामान्य अध्ययन-II: सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक-सैन्य सहयोग के साथ जोड़कर देखने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। (150 शब्द)
ARIvidya परीक्षा निष्कर्ष
आज की समसामयिकी से लोकतांत्रिक पारदर्शिता, वैश्विक शासन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, आर्कटिक भू-राजनीति, अंतरराष्ट्रीय वित्त, डिजिटल अवसंरचना, खाद्य सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे व्यापक विषय जुड़े हैं। प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रत्येक खबर के तथ्य याद करें और मुख्य परीक्षा के लिए उसके कारण, प्रभाव तथा नीतिगत समाधान को समझें।
ARIvidya — ज्ञान से प्रशासन तक

