27 अक्टूबर 2026 करेंट अफेयर्स | UPSC एवं PCS | ARIvidya

27 अक्टूबर 2026 | UPSC, UPPCS एवं अन्य राज्य PCS

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आज के करेंट अफेयर्स में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, परमाणु प्रतिष्ठानों की साइबर सुरक्षा, चिकित्सा शिक्षा का नियमन, एनीमिया की रोकथाम, समावेशी शिक्षा, रक्षा स्वदेशीकरण, चक्रवात प्रबंधन और भारत-अमेरिका-जापान सैन्य सहयोग से जुड़े आठ महत्त्वपूर्ण विषय शामिल हैं। प्रत्येक विषय को पृष्ठभूमि, संवैधानिक/संस्थागत संदर्भ, चुनौतियों और आगे की राह के साथ समझें। हर विषय के तुरंत बाद प्रारंभिक परीक्षा MCQ तथा मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न दिया गया है।

1. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया (GS-2)

दी गई सामग्री के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने सर्वोच्च न्यायालय में संयुक्त हलफनामा दाखिल कर कहा कि CEC के कार्य में बाधा डालने का कोई भी प्रयास कानून के विपरीत होगा। हलफनामे में कहा गया कि CEC को पद से हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के समान है। केवल मीडिया रिपोर्टों में कथित आंतरिक मतभेद या एकतरफा कामकाज के दावे अपने-आप में न्यायिक प्रमाण नहीं माने जा सकते।

संवैधानिक ढाँचा: संविधान का अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग से संबंधित है। अनुच्छेद 324(5) के अंतर्गत CEC को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया और आधार पर हटाया जा सकता है। अन्य निर्वाचन आयुक्तों और क्षेत्रीय आयुक्तों को राष्ट्रपति, CEC की सिफारिश पर हटा सकते हैं। CEC के विरुद्ध हटाने के आधार सिद्ध कदाचार या अक्षमता हैं। हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है; लोकसभा में कम-से-कम 100 और राज्यसभा में 50 सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं। जाँच के बाद प्रस्ताव को दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित होना होता है।

360° विश्लेषण: स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक वैधता का आधार हैं। CEC के लिए सुरक्षित कार्यकाल राजनीतिक दबाव से संस्थागत स्वतंत्रता बचाता है, जबकि जवाबदेही और पारदर्शिता भी आवश्यक हैं। नियुक्ति, हटाने की प्रक्रिया, आयोग की बहुसदस्यीय कार्यप्रणाली और निर्णयों के कारणों का सार्वजनिक स्पष्टीकरण—इन सभी में भरोसा बनाए रखना महत्त्वपूर्ण है। मीडिया रिपोर्टें सार्वजनिक विमर्श का आधार हो सकती हैं, लेकिन न्यायिक निष्कर्ष के लिए प्रमाण और विधिसम्मत प्रक्रिया आवश्यक हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: (1) उसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया से हटाया जा सकता है। (2) अन्य निर्वाचन आयुक्तों को CEC की सिफारिश पर हटाया जा सकता है। (3) CEC को हटाने का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित होना चाहिए।

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) 1, 2 और 3 (घ) केवल 1 और 3

उत्तर: (ग) — तीनों कथन दी गई सामग्री में वर्णित संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप हैं।

मुख्य परीक्षा अभ्यास (GS-2): स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में निर्वाचन आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता तथा जवाबदेही के बीच संतुलन का परीक्षण कीजिए।

2. कुडनकुलम परमाणु परियोजना और साइबर सुरक्षा की चुनौती (GS-3)

सामग्री में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना से संबंधित लगभग 19,000 फाइलों और 14.3 GB डेटा के कथित लीक का उल्लेख है। रिपोर्टेड सामग्री 2016 से लगभग 2025 तक की अवधि से जुड़ी बताई गई। लेख का प्रमुख तर्क है कि संवेदनशील प्रतिष्ठान की साइबर सुरक्षा केवल संयंत्र की भौतिक सीमा तक सीमित नहीं रह सकती; ठेकेदारों, डेटा केंद्रों, सॉफ्टवेयर आपूर्तिकर्ताओं और उप-ठेकेदारों के नेटवर्क भी जोखिम का हिस्सा हैं। सामग्री 2019 में संयंत्र के प्रशासनिक नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर पर Dtrack मैलवेयर मिलने की घटना का भी उल्लेख करती है।

महत्त्वपूर्ण संस्थाएँ: भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (CERT-In) साइबर सुरक्षा घटनाओं पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया देने वाली एजेंसी है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 70A के तहत स्थापित राष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC), महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है।

360° विश्लेषण: आधुनिक परमाणु संयंत्र, विद्युत ग्रिड, रक्षा उत्पादन और दूरसंचार नेटवर्क अनेक बाहरी संस्थाओं पर निर्भर हैं। इसलिए साइबर जोखिम आपूर्ति-श्रृंखला, क्लाउड सेवाओं, ठेकेदारों की पहुँच और पुराने सॉफ्टवेयर से भी पैदा हो सकता है। आगे की राह में प्रत्येक पहुँच-बिंदु का सत्यापन, न्यूनतम आवश्यक अनुमति, नियमित सुरक्षा ऑडिट, घटना की शीघ्र रिपोर्टिंग, आपूर्तिकर्ताओं के लिए समान सुरक्षा मानक, कर्मचारी प्रशिक्षण और CERT-In/NCIIPC/क्षेत्रीय नियामकों के बीच समन्वय शामिल होना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था घटना के बाद दंड देने के बजाय घटना से पहले जिम्मेदारियाँ तय करे।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: NCIIPC का प्रमुख दायित्व क्या है?

(क) चुनाव कराना (ख) महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा (ग) परमाणु ईंधन का उत्पादन (घ) साइबर अपराधों पर न्यायिक निर्णय देना

उत्तर: (ख) — NCIIPC का दायित्व महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा से संबंधित है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास (GS-3): “महत्त्वपूर्ण अवसंरचना की साइबर सुरक्षा अब केवल संस्थान की आंतरिक सुरक्षा का प्रश्न नहीं, बल्कि आपूर्ति-श्रृंखला का प्रश्न है।” भारत के संदर्भ में विवेचना कीजिए।

3. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानक और जवाबदेही (GS-2)

दी गई सामग्री के अनुसार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने 2023 के चिकित्सा शिक्षा मानकों के रखरखाव संबंधी नियमों (MSMER) को वापस ले लिया। इन नियमों में गलत जानकारी देने वाले संकाय सदस्यों और प्रशासकों पर ₹5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान था। हालाँकि, चिकित्सा संस्थानों की स्थापना, आकलन और रेटिंग से जुड़े 2023 के नियमों के अंतर्गत Medical Assessment and Rating Board (MARB) संस्थानों पर ₹1 करोड़ तक जुर्माना लगा सकता है। सामग्री में ‘घोस्ट फैकल्टी’ और ‘घोस्ट पेशेंट’ जैसी अनियमितताओं पर नियंत्रण को MSMER का एक उद्देश्य बताया गया है।

संस्थागत संदर्भ: NMC की स्थापना राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत हुई। यह भारत में चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा पेशे के नियमन की प्रमुख संस्था है। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा शिक्षा तक पहुँच, पर्याप्त और सक्षम चिकित्सकों की उपलब्धता, समान स्वास्थ्य सेवा तथा चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

360° विश्लेषण: चिकित्सा सीटों की संख्या बढ़ना तभी उपयोगी है जब शिक्षकों, अस्पतालों, रोगियों, उपकरणों और प्रशिक्षण की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित हो। केवल संस्थान पर जुर्माना लगाने से व्यक्तिगत जिम्मेदारी कमजोर पड़ सकती है; दूसरी ओर, नियमों में अस्पष्टता और अलग-अलग अपील समय-सीमाएँ प्रवर्तन को धीमा कर सकती हैं। आगे की राह में पारदर्शी निरीक्षण, डिजिटल सत्यापन, स्पष्ट दंड प्रक्रिया, समयबद्ध अपील, व्हिसलब्लोअर सुरक्षा और परिणाम-आधारित मान्यता आवश्यक हैं। नियमन का उद्देश्य संस्थानों को दंडित करना भर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और रोगियों के हितों की रक्षा करना होना चाहिए।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ?

(क) 2005 (ख) 2013 (ग) 2019 (घ) 2023

उत्तर: (ग) — NMC की स्थापना राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत की गई।

मुख्य परीक्षा अभ्यास (GS-2): भारत में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में नियामक संस्थाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

4. एनीमिया की रोकथाम और डबल फोर्टिफाइड नमक (GS-2)

सामग्री के अनुसार, एनीमिया भारत की प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इसमें आयरन की कमी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सामग्री में बताया गया है कि आधे से अधिक भारतीय महिलाएँ और लगभग तीन-चौथाई बच्चे एनीमिया से प्रभावित हैं। इससे मातृ मृत्यु का जोखिम, कुपोषण का पीढ़ी-दर-पीढ़ी चक्र, संज्ञानात्मक विकास में कमी, उत्पादकता में गिरावट और आर्थिक नुकसान हो सकते हैं।

डबल फोर्टिफाइड नमक (DFS): इसमें आयोडीन और आयरन दोनों मिलाए जाते हैं। नमक का नियमित घरेलू उपयोग इसे बड़े स्तर पर पोषण हस्तक्षेप पहुँचाने का संभावित माध्यम बनाता है। सामग्री के अनुसार, भारत में लगभग 95% परिवार आयोडीनयुक्त नमक का उपयोग करते हैं और सरकारी सुरक्षा-जाल कार्यक्रमों के माध्यम से चार राज्यों में अनुमानित 7.6 करोड़ लोगों तक DFS पहुँच रहा है। सामग्री में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानक तथा PM POSHAN और आँगनवाड़ी/एकीकृत बाल विकास सेवाओं के माध्यम से इसके उपयोग का उल्लेख है।

एनीमिया मुक्त भारत 7×7×7 रणनीति: सामग्री 2026 में जारी परिचालन दिशानिर्देशों का उल्लेख करती है, जो पहले की 6×6×6 रणनीति से आगे बढ़ते हैं। इनमें लाभार्थी समूहों के अनुसार हीमोग्लोबिन जाँच, निवारक और उपचारात्मक प्रबंधन, पोषण-संबंधी तथा गैर-पोषण-संबंधी एनीमिया में अंतर, डिजिटल निगरानी, आयरन-समृद्ध भोजन, विभिन्न विभागों का समन्वय और जनभागीदारी शामिल हैं।

360° विश्लेषण: DFS, आयरन-फोलिक एसिड अनुपूरण, विविध आहार, संक्रमणों का उपचार और व्यवहार परिवर्तन का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक उपाय है। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नमक में सूक्ष्म पोषक तत्त्वों की गुणवत्ता, आपूर्ति की निरंतरता, उपभोक्ता स्वीकार्यता, नियमित जाँच और स्थानीय आहार व्यवहार पर ध्यान देना होगा। एनीमिया के सभी मामले केवल आयरन की कमी से नहीं होते; इसलिए जाँच और कारण के अनुसार उपचार आवश्यक है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: डबल फोर्टिफाइड नमक में सामान्यतः कौन-से दो सूक्ष्म पोषक तत्त्व मिलाए जाते हैं?

(क) आयोडीन और आयरन (ख) कैल्शियम और विटामिन C (ग) जिंक और विटामिन D (घ) प्रोटीन और वसा

उत्तर: (क) — DFS का उद्देश्य नमक के माध्यम से आयोडीन और आयरन दोनों उपलब्ध कराना है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास (GS-2): भारत में एनीमिया नियंत्रण के लिए पोषण हस्तक्षेप, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवहार परिवर्तन को एकीकृत करने की आवश्यकता स्पष्ट कीजिए।

5. शिक्षा का अधिकार अधिनियम: प्रवेश से वास्तविक समावेशन तक (GS-2)

सामग्री शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत वंचित समूहों के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने के 25% प्रावधान पर चर्चा करती है। सामग्री के अनुसार, इस व्यवस्था से देशभर में लगभग 50 लाख विद्यार्थियों को लाभ पहुँचाने की परिकल्पना है। लेकिन विद्यालय में प्रवेश मिल जाना अपने-आप सामाजिक समावेशन की गारंटी नहीं देता। कुछ बच्चों को कम शैक्षणिक प्रदर्शन, सामाजिक दूरी, कक्षा गतिविधियों में सीमित भागीदारी और भावनात्मक अलगाव का सामना करना पड़ सकता है।

समस्या का मूल: समावेशी शिक्षा की सफलता केवल दाखिले या परीक्षा अंकों से नहीं मापी जा सकती। यदि शिक्षक अत्यधिक कार्यभार और अपर्याप्त प्रशिक्षण के कारण बच्चों को ‘कम सक्षम’ मानते हैं, तो भेदभाव अनजाने में कक्षा के व्यवहार और समूह गतिविधियों में दिखाई दे सकता है। सामग्री के अनुसार, समावेशन को मापने के स्पष्ट मानक न होने से यह स्कूलों की जवाबदेही में कम महत्त्व पाता है।

360° विश्लेषण: स्कूलों को सहयोगात्मक शिक्षण, समूह नेतृत्व में बारी-बारी से अवसर, सम्मानजनक भागीदारी और प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए। राज्य सरकारें और अभिभावक समूह समावेशन के मानकों की निगरानी कर सकते हैं। समय पर प्रतिपूर्ति, समावेशी स्कूलों की सार्वजनिक पहचान और राज्यों के बीच अनुभव साझा करना भी आवश्यक है। वास्तविक लक्ष्य केवल स्कूल में प्रवेश नहीं, बल्कि सीखने, मित्रता, आत्मसम्मान और समान अवसरों में भागीदारी है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: RTE अधिनियम की धारा 12(1)(c) किससे संबंधित है?

(क) उच्च शिक्षा में शोध अनुदान (ख) निजी गैर-अल्पसंख्यक स्कूलों में प्रवेश स्तर पर वंचित समूहों के लिए 25% सीटों का प्रावधान (ग) विश्वविद्यालयों में आरक्षण समाप्त करना (घ) केवल ऑनलाइन शिक्षा

उत्तर: (ख) — यह प्रावधान प्रवेश स्तर पर वंचित एवं कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए सीटों से संबंधित है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास (GS-2): “शिक्षा में समानता का अर्थ केवल प्रवेश नहीं, बल्कि कक्षा में सार्थक भागीदारी भी है।” RTE अधिनियम के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

6. ₹2.12 लाख करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्ताव और स्वदेशीकरण (GS-3)

सामग्री के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली Defence Acquisition Council (DAC) ने तीनों सेनाओं के लिए लगभग ₹2.12 लाख करोड़ के पूँजीगत खरीद प्रस्तावों को Acceptance of Necessity (AoN) प्रदान किया। सामग्री में बताया गया है कि लगभग 82% खरीद घरेलू उद्योग से होने की अपेक्षा है। प्रस्तावों में सेना के लिए उच्च गतिशीलता वाले वाहन, स्वचालित तोप प्रणालियाँ, हल्के बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर, बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणालियाँ, ड्रोन-रोधी प्रणालियाँ, निगरानी UAV और लंबी दूरी के ड्रोन शामिल हैं। नौसेना के लिए Active Offboard Decoy Systems और अन्य प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं।

DAC की भूमिका: DAC रक्षा मंत्रालय का सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय है, जो थलसेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल के लिए नई नीतियों तथा पूँजीगत अधिग्रहण पर निर्णय लेता है। इसकी स्थापना 1999 के कारगिल युद्ध के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में सुधार संबंधी सिफारिशों के पश्चात 2001 में हुई। रक्षा मंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं। AoN खरीद प्रक्रिया में आवश्यकता की स्वीकृति है; यह अपने-आप अंतिम डिलीवरी या अनुबंध पूरा होने के बराबर नहीं है।

360° विश्लेषण: घरेलू खरीद से रक्षा उत्पादन, तकनीकी क्षमता, रोजगार और आपूर्ति-श्रृंखला की लचीलापन बढ़ सकता है। ड्रोन-रोधी और निगरानी प्रणालियाँ बदलते युद्धक्षेत्र में महत्त्वपूर्ण हैं। फिर भी स्वदेशीकरण की सफलता गुणवत्ता, समय पर आपूर्ति, परीक्षण, रखरखाव, अनुसंधान एवं विकास तथा निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के समन्वय पर निर्भर करेगी। खरीद में जीवन-चक्र लागत, अंतर-संचालन क्षमता और निर्यात संभावनाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: Defence Acquisition Council के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

(क) इसका अध्यक्ष गृह मंत्री होता है। (ख) यह रक्षा मंत्रालय में पूँजीगत अधिग्रहण से संबंधित सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय है। (ग) यह केवल पुलिस भर्ती करता है। (घ) इसकी स्थापना 1947 में हुई थी।

उत्तर: (ख) — DAC रक्षा मंत्रालय में रक्षा खरीद और पूँजीगत अधिग्रहण से जुड़े प्रमुख निर्णय लेता है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास (GS-3): रक्षा खरीद में स्वदेशीकरण भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को कैसे मजबूत कर सकता है? गुणवत्ता, लागत और समयबद्धता से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।

7. चक्रवात अर्नब: तटीय आपदा तैयारी (GS-3)

दी गई सामग्री के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ के तट के निकट आने पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में निकासी तथा तैयारी बढ़ाई गई। आंध्र प्रदेश सरकार ने बाढ़-संभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने, कमजोर समूहों को प्राथमिकता देने और आपदा प्रतिक्रिया दलों को तैनात करने के निर्देश दिए। सामग्री में 4,711 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं में स्थानांतरित करने तथा 30,043 मछली पकड़ने वाली नौकाओं के बंदरगाह लौटने का उल्लेख है। ‘अर्नब’ नाम बांग्लादेश ने दिया है और बंगाली में इसका अर्थ ‘महासागर’ बताया गया है।

चक्रवात नामकरण: उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों के नामकरण की व्यवस्था WMO/ESCAP पैनल से जुड़ी है। सामग्री के अनुसार, 2000 में नाम देने पर सिद्धांततः सहमति बनी और सितंबर 2004 से नामकरण शुरू हुआ। वर्तमान पैनल में 13 सदस्य देश शामिल हैं। नामकरण से एक ही समय में आने वाले तूफानों के बीच भ्रम कम होता है और चेतावनियों का संचार अधिक स्पष्ट होता है।

चक्रवात बनने की अनुकूल स्थितियाँ: समुद्र की सतह का तापमान लगभग 27°C से अधिक, पर्याप्त कोरिओलिस बल, ऊँचाई के साथ पवन गति में कम अंतर, पहले से मौजूद निम्न-दाब क्षेत्र और ऊपरी वायुमंडल में अपसरण जैसी स्थितियाँ उष्णकटिबंधीय चक्रवात के विकास में मदद करती हैं।

360° विश्लेषण: भारत की लंबी तटरेखा और घनी तटीय आबादी के कारण चक्रवात जोखिम व्यापक है। समय पर चेतावनी, स्थानीय भाषा में संचार, सुरक्षित आश्रय, गर्भवती महिलाओं और वृद्धों की प्राथमिक निकासी, मछुआरों की निगरानी, बिजली-पानी जैसी सेवाओं की तैयारी और चक्रवात के बाद त्वरित बहाली जीवन और आजीविका बचा सकती है। जोखिम घटाने के लिए मैंग्रोव और तटीय पारिस्थितिकी का संरक्षण तथा जलवायु-सहिष्णु अवसंरचना भी महत्त्वपूर्ण हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: उत्तर हिंद महासागर में चक्रवातों के नामकरण का एक प्रमुख लाभ क्या है?

(क) चक्रवातों की गति रोकना (ख) चेतावनी और जनसंचार में स्पष्टता लाना (ग) समुद्र का तापमान घटाना (घ) वर्षा को समाप्त करना

उत्तर: (ख) — नामकरण से तूफान की पहचान और चेतावनियों का संचार आसान होता है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास (GS-3): भारत में चक्रवात जोखिम घटाने के लिए पूर्व चेतावनी, समुदाय-आधारित निकासी और जलवायु-सहिष्णु तटीय विकास की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

8. Keen Sword 27: अमेरिका-जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास (प्रारंभिक परीक्षा)

सामग्री के अनुसार, अमेरिका और जापान ने ‘Keen Sword 27’ संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया। यह दक्षिण-पश्चिमी जापान के द्वीपों और आसपास के समुद्री क्षेत्र में आयोजित एक बड़ा द्विवार्षिक बहु-क्षेत्रीय फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास है। इसमें जापान की Self-Defense Forces और अमेरिकी सशस्त्र बल भाग लेते हैं। इसका उद्देश्य युद्ध तत्परता, सामरिक समन्वय और दोनों सेनाओं की संयुक्त संचालन क्षमता को मजबूत करना है।

360° विश्लेषण: संयुक्त सैन्य अभ्यासों से संचार प्रक्रियाओं, संयुक्त योजना, लॉजिस्टिक्स और बहु-क्षेत्रीय अभियानों में तालमेल का परीक्षण होता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री मार्गों, क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोगी सेनाओं की तत्परता के संदर्भ में ऐसे अभ्यास रणनीतिक संकेत भी देते हैं। फिर भी अभ्यास को किसी एक देश के विरुद्ध स्वतः आक्रामक कार्रवाई का प्रमाण नहीं मानना चाहिए; इसका घोषित उद्देश्य प्रशिक्षण और अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाना है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न: Keen Sword 27 किन देशों का संयुक्त सैन्य अभ्यास है?

(क) भारत और फ्रांस (ख) अमेरिका और जापान (ग) भारत और रूस (घ) जापान और ऑस्ट्रेलिया

उत्तर: (ख) — सामग्री के अनुसार, इसमें अमेरिका और जापान भाग लेते हैं।

मुख्य परीक्षा अभ्यास (GS-2/3): हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा अंतर-संचालन क्षमता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?

त्वरित पुनरावृत्ति

  • CEC: हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान; अनुच्छेद 324 महत्त्वपूर्ण।
  • साइबर सुरक्षा: CERT-In और NCIIPC; ठेकेदार तथा आपूर्ति-श्रृंखला भी सुरक्षा का हिस्सा।
  • NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019; गुणवत्ता और जवाबदेही पर जोर।
  • एनीमिया: डबल फोर्टिफाइड नमक में आयोडीन और आयरन; 7×7×7 रणनीति।
  • RTE: धारा 12(1)(c) के तहत 25% प्रवेश प्रावधान; प्रवेश के साथ वास्तविक समावेशन भी जरूरी।
  • रक्षा खरीद: लगभग ₹2.12 लाख करोड़ के AoN प्रस्ताव; करीब 82% घरेलू उद्योग से खरीद का लक्ष्य/अनुमान।
  • चक्रवात अर्नब: नाम बांग्लादेश ने दिया; बंगाली अर्थ ‘महासागर’।
  • Keen Sword 27: अमेरिका-जापान का द्विवार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास।

अभ्यास सुझाव: आज एक GS-2 और एक GS-3 प्रश्न का उत्तर लिखें। संवैधानिक प्रावधान, संस्थागत भूमिका और व्यावहारिक समाधान को उत्तर में जोड़ें।

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