22 अक्टूबर 2026 करेंट अफेयर्स | UPSC, UPPCS एवं BPSC | ARIविद्या

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22 अक्टूबर 2026: करेंट अफेयर्स

UPSC • UPPCS • BPSC | प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषय

1. मुख्य उद्योगों का सूचकांक: सितंबर में 7.9% वृद्धि

सितंबर 2026 में भारत के मुख्य उद्योगों की वृद्धि दर 7.9% रही। कोयला क्षेत्र में सुधार तथा रिफाइनरी उत्पादों और लौह अयस्क क्षेत्रों की गतिविधियों ने वृद्धि को गति दी। नए आधार वर्ष 2022-23 वाली संशोधित शृंखला में मुख्य उद्योगों की संख्या आठ से बढ़ाकर नौ कर दी गई है; इसमें लौह अयस्क को शामिल किया गया है।

नौ मुख्य उद्योग: कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क। बिजली का भार सबसे अधिक 30.93% है, इसके बाद रिफाइनरी उत्पाद (22.57%) और इस्पात (17.58%) हैं।

पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन-III — भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: संशोधित मुख्य उद्योग सूचकांक में किस क्षेत्र को शामिल करके उद्योगों की संख्या आठ से बढ़ाकर नौ की गई?

(क) कपड़ा (ख) लौह अयस्क (ग) सूचना प्रौद्योगिकी (घ) औषधि

उत्तर एवं व्याख्या

उत्तर: (ख) लौह अयस्क। संशोधित सूचकांक में लौह अयस्क को नौवें मुख्य उद्योग के रूप में शामिल किया गया है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न | GS-III | 150 शब्द

मुख्य उद्योग सूचकांक की उपयोगिता स्पष्ट कीजिए। संशोधित सूचकांक में लौह अयस्क को शामिल करने का औद्योगिक विकास के आकलन में क्या महत्व है?

2. शिशु आहार में अतिरिक्त चीनी पर प्रतिबंध

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने शिशु आहार में सुक्रोज और फ्रक्टोज मिलाने की मौजूदा अनुमति समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान नियमों के तहत 0–6 माह के शिशुओं के लिए उत्पाद में इन दोनों की संयुक्त मात्रा कार्बोहाइड्रेट के 20% तक हो सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले छह महीने केवल स्तनपान और उसके बाद 24 महीने की आयु तक अतिरिक्त चीनी से बचने की सलाह देता है। केवल सुक्रोज पर रोक पर्याप्त नहीं होगी; अन्य मीठे पदार्थों और तैयार उत्पाद के पोषण स्तर का भी आकलन आवश्यक है।

पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन-II — स्वास्थ्य एवं शासन; सामान्य अध्ययन-III — खाद्य सुरक्षा।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: शिशुओं के पोषण के संदर्भ में विश्व स्वास्थ्य संगठन की अनुशंसा के अनुरूप कौन-सा कथन सही है?

(क) पहले छह महीने केवल स्तनपान और दो वर्ष की आयु तक अतिरिक्त चीनी से बचाव
(ख) पहले तीन महीने केवल स्तनपान, फिर मीठे पेय
(ग) छह महीने बाद सभी शिशु आहार में चीनी अनिवार्य
(घ) अतिरिक्त चीनी का शिशु पोषण से कोई संबंध नहीं

उत्तर एवं व्याख्या

उत्तर: (क)। प्रस्तुत सामग्री में पहले छह महीने केवल स्तनपान और 24 महीने तक अतिरिक्त चीनी से बचने की अनुशंसा बताई गई है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न | GS-II | 150 शब्द

शिशु आहार में अतिरिक्त चीनी को नियंत्रित करना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए क्यों आवश्यक है? प्रभावी खाद्य नियमन के प्रमुख उपाय सुझाइए।

3. कृषि-फोटोवोल्टाइक: खेत और सौर ऊर्जा साथ-साथ

कृषि-फोटोवोल्टाइक व्यवस्था में खेतों पर ऐसे सौर पैनल लगाए जाते हैं जिनके नीचे या आसपास खेती भी जारी रह सके। सामग्री के अनुसार भारत में इस क्षेत्र की क्षमता 161 गीगावाट बताई गई है; प्रधानमंत्री-कुसुम योजना के अंतर्गत ग्रिड से बाहर कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगे पैनलों का योगदान 14 गीगावाट है।

इससे सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए बिजली, किसानों की अतिरिक्त आय, स्थानीय ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है। सफल क्रियान्वयन के लिए फसल चयन, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पैनल संरचना, वैज्ञानिक कृषि प्रबंधन और भूमि स्वामित्व की सुरक्षा आवश्यक हैं। बटाईदारों और महिला किसानों को भी लाभ मिलना चाहिए।

पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन-III — नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, जलवायु-अनुकूल विकास।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: कृषि-फोटोवोल्टाइक का सबसे उपयुक्त वर्णन कौन-सा है?

(क) केवल पवन ऊर्जा से सिंचाई करना
(ख) एक ही भूमि पर खेती और सौर ऊर्जा उत्पादन का समन्वय
(ग) कृषि भूमि को पूरी तरह औद्योगिक भूमि में बदलना
(घ) केवल जलविद्युत का उपयोग करना

उत्तर एवं व्याख्या

उत्तर: (ख)। इस व्यवस्था में सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ कृषि गतिविधियाँ भी जारी रखी जा सकती हैं।

मुख्य परीक्षा प्रश्न | GS-III | 250 शब्द

कृषि-फोटोवोल्टाइक भारत में किसानों की आय बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने का माध्यम बन सकता है। इसके अवसरों, चुनौतियों और आवश्यक नीतिगत उपायों का विश्लेषण कीजिए।

4. लैंगिक अंतर और अवैतनिक घरेलू कार्य

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का आकलन केवल रोजगार में उनकी संख्या से नहीं किया जा सकता। घरेलू काम और देखभाल की जिम्मेदारी महिलाओं पर असमान रूप से अधिक होने से उनके पास रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और विश्राम के लिए कम समय बचता है।

2026 के वैश्विक लैंगिक अंतर संबंधी आकलन में भारत की आर्थिक भागीदारी और अवसर का स्तर 41.2% बताया गया है। अगस्त 2026 के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर 34.8% रही; ग्रामीण क्षेत्रों में यह 39.4% और शहरी क्षेत्रों में 25.4% थी।

आगे का रास्ता: सुरक्षित कार्यस्थल और परिवहन, समान काम के लिए समान वेतन, कौशल विकास, देखभाल सेवाएँ, घरेलू जिम्मेदारियों का साझा बँटवारा और नेतृत्व के अवसर।

पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन-I — समाज; सामान्य अध्ययन-II — सामाजिक न्याय।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: अवैतनिक घरेलू कार्य का महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर प्रमुख प्रभाव क्या हो सकता है?

(क) रोजगार और कौशल विकास के लिए उपलब्ध समय घट सकता है
(ख) महिलाओं की आय स्वतः बढ़ जाती है
(ग) श्रम बाजार में लैंगिक अंतर समाप्त हो जाता है
(घ) देखभाल संबंधी कार्यों की आवश्यकता समाप्त हो जाती है

उत्तर एवं व्याख्या

उत्तर: (क)। घरेलू और देखभाल संबंधी जिम्मेदारियों का असमान बोझ रोजगार तथा कौशल विकास के लिए उपलब्ध समय सीमित कर सकता है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न | GS-I/II | 250 शब्द

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए केवल रोजगार के अवसर पर्याप्त नहीं हैं। अवैतनिक घरेलू कार्य और देखभाल की जिम्मेदारियों के संदर्भ में इस कथन की समीक्षा कीजिए।

5. विनिवेश, निजीकरण और सार्वजनिक उपक्रम

सरकार ने आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी के 30% से अधिक भाग की बिक्री के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे चालू वित्त वर्ष में लगभग ₹26,500 करोड़ की विनिवेश आय का अनुमान है। सरकार की योजना इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड, महानदी कोलफील्ड्स और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की भी है।

विनिवेश में सरकारी हिस्सेदारी बेचना, निजीकरण में प्रबंधन या स्वामित्व का निजी क्षेत्र को हस्तांतरण, जबकि परिसंपत्ति मुद्रीकरण में भूमि, भवन या अन्य परिसंपत्तियों से संसाधन जुटाना शामिल हो सकता है। इन अवधारणाओं को एक-दूसरे का पर्याय नहीं मानना चाहिए।

पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन-III — सार्वजनिक क्षेत्र, राजकोषीय प्रबंधन और आर्थिक सुधार।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण के संबंध में कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

(क) दोनों का अर्थ केवल नई मुद्रा छापना है
(ख) विनिवेश में सरकारी हिस्सेदारी बेची जा सकती है, जबकि परिसंपत्ति मुद्रीकरण से परिसंपत्तियों के उपयोग/हस्तांतरण के माध्यम से संसाधन जुटाए जा सकते हैं
(ग) विनिवेश से सरकार को कोई आय नहीं होती
(घ) परिसंपत्ति मुद्रीकरण केवल कर दर बढ़ाने की प्रक्रिया है

उत्तर एवं व्याख्या

उत्तर: (ख)। दोनों संसाधन जुटाने के अलग-अलग तरीके हैं और इन्हें एक ही अर्थ में नहीं लेना चाहिए।

मुख्य परीक्षा प्रश्न | GS-III | 250 शब्द

सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश की नीति में राजस्व जुटाने, दक्षता, रणनीतिक हितों और सार्वजनिक संपत्तियों के उचित मूल्य के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है? चर्चा कीजिए।

6. वन अधिकार अधिनियम और जनजातीय आजीविका

वन अधिकार अधिनियम, 2006 ने जनजातीय तथा वन-आश्रित समुदायों के आजीविका अधिकारों को मजबूत किया है। अगला कदम मान्यता प्राप्त भूमि पर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है। उपयुक्त क्षेत्रों में दलहन और तिलहन की खेती से किसानों की आय, पोषण सुरक्षा और घरेलू उत्पादन बढ़ सकता है तथा आयात निर्भरता घट सकती है।

क्षेत्रवार मिट्टी, वर्षा, फसल पद्धति और स्थानीय आजीविका को ध्यान में रखते हुए बीज, मृदा-नमी प्रबंधन और वैज्ञानिक कृषि सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। जनजातीय समुदायों की भूमि और आजीविका सुरक्षा को केंद्र में रखना आवश्यक है।

पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन-II — जनजातीय अधिकार एवं कानून; सामान्य अध्ययन-III — कृषि और खाद्य सुरक्षा।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: वन अधिकार अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था?

(क) 1992 (ख) 2001 (ग) 2006 (घ) 2013

उत्तर एवं व्याख्या

उत्तर: (ग) 2006। यह कानून वन-आश्रित समुदायों के वन अधिकारों की मान्यता से संबंधित है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न | GS-II/III | 250 शब्द

वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मान्यता प्राप्त भूमि पर टिकाऊ दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना जनजातीय आजीविका तथा खाद्य सुरक्षा को कैसे मजबूत कर सकता है? आवश्यक उपायों सहित चर्चा कीजिए।

7. अभ्यास कोकण-2026

भारतीय नौसेना का निर्देशित-प्रक्षेपास्त्र युक्त स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल ब्रिटेन के प्लायमाउथ पहुँचा, जहाँ वह ब्रिटिश रॉयल नेवी के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास कोकण-2026 में भाग लेगा। यह वार्षिक अभ्यास 2004 में संस्थागत रूप से शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच सामरिक तालमेल, संयुक्त संचालन क्षमता और समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है।

पाठ्यक्रम: प्रारंभिक परीक्षा — रक्षा अभ्यास; सामान्य अध्ययन-II — भारत-ब्रिटेन संबंध; सामान्य अध्ययन-III — समुद्री सुरक्षा।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न: अभ्यास कोकण-2026 किन दो नौसेनाओं के बीच आयोजित किया जा रहा है?

(क) भारतीय और फ्रांसीसी नौसेना
(ख) भारतीय और ब्रिटिश रॉयल नेवी
(ग) भारतीय और जापानी नौसेना
(घ) भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई नौसेना

उत्तर एवं व्याख्या

उत्तर: (ख)। यह भारतीय नौसेना और ब्रिटिश रॉयल नेवी का द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न | GS-II/III | 150 शब्द

भारत और ब्रिटेन के बीच संयुक्त समुद्री अभ्यासों का सामरिक महत्व स्पष्ट कीजिए। समुद्री सुरक्षा और संचालन क्षमता में ऐसे अभ्यास किस प्रकार योगदान देते हैं?

ARIvidya — ज्ञान से प्रशासन तक

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