दैनिक करेंट अफेयर्स – 16 अक्टूबर 2026 | UPSC, UPPCS, BPSC

ARIvidya • दैनिक करेंट अफेयर्स नोट्स

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16 अक्टूबर 2026

UPSC • UPPCS • BPSC | प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा

स्रोत-सामग्री: द हिंदू, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और बिज़नेस स्टैंडर्ड से संकलित नोट्स। नीचे दिए गए विषयों को परीक्षा की दृष्टि से व्यवस्थित किया गया है; समाचारों में उल्लिखित आँकड़ों और दावों को अंतिम नोट्स बनाने से पहले मूल रिपोर्ट/आधिकारिक अधिसूचना से मिलाना उचित होगा।

आज के प्रमुख विषय: हॉर्नबिल महोत्सव, जंतर-मंतर, धर्मांतरण और आरक्षण, विरोध का अधिकार, खान एवं खनिज कानून, SCO, UNSC में भारत की दावेदारी, ऊर्जा कूटनीति, विश्व खाद्य दिवस, IDBI बैंक विनिवेश और खाद्य मुद्रास्फीति।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 (GS Paper 1)

01 • भारतीय संस्कृति एवं जनजातीय परंपराएँ

हॉर्नबिल महोत्सव 2026

नागालैंड में 27वें हॉर्नबिल महोत्सव की तैयारियाँ शुरू होने की खबर है। उपलब्ध नोट्स के अनुसार, महोत्सव 1 से 10 दिसंबर 2026 तक नागा हेरिटेज विलेज, किसामा में आयोजित होना है। इसे ‘त्योहारों का त्योहार’ कहा जाता है।

प्रारंभिक परीक्षा के तथ्य: नागालैंड सरकार ने 2000 में इस महोत्सव की शुरुआत अंतर-जनजातीय सद्भाव और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की थी। यह 1 दिसंबर को नागालैंड के राज्य स्थापना दिवस के साथ शुरू होता है। इसका नाम ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल पक्षी से जुड़ा है। विभिन्न नागा समुदाय अपने पारंपरिक मोरुंग, हस्तशिल्प, हथकरघा, काष्ठकला, लोकनृत्य और सांस्कृतिक परंपराएँ प्रस्तुत करते हैं।

महत्त्व: यह सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्थानीय आजीविका और जिम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहित करने का मंच है। पर्यटन विकास के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी और सांस्कृतिक परंपराओं की प्रामाणिकता बनाए रखना भी आवश्यक है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-1): पूर्वोत्तर भारत के सांस्कृतिक उत्सव जनजातीय विरासत के संरक्षण और स्थानीय आर्थिक विकास में किस प्रकार योगदान देते हैं?

MCQ 1: हॉर्नबिल महोत्सव के संबंध में सही कथन चुनिए। (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) यह नागालैंड में आयोजित होता है और 2000 में शुरू हुआ था।
(B) यह केवल शास्त्रीय संगीत को समर्पित है।
(C) यह हर वर्ष राजस्थान में आयोजित होता है।
(D) इसका नागा समुदायों की संस्कृति से कोई संबंध नहीं है।

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A). उपलब्ध नोट्स के अनुसार, हॉर्नबिल महोत्सव नागालैंड में जनजातीय संस्कृति, शिल्प और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

02 • भारतीय स्थापत्य एवं वैज्ञानिक विरासत

दिल्ली का जंतर-मंतर: ऐतिहासिक खगोलीय वेधशाला

दिल्ली स्थित जंतर-मंतर खगोलीय अवलोकन और समय-गणना के लिए निर्मित ऐतिहासिक वेधशाला है। इसका निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने कराया था। जंतर-मंतर का उल्लेख विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल के रूप में इसकी भूमिका को लेकर भी चर्चा में आया है।

प्रारंभिक परीक्षा के तथ्य: जय सिंह द्वितीय ने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा में वेधशालाएँ बनवाई थीं। इन संरचनाओं में सूर्य की स्थिति, समय और खगोलीय पिंडों की गति का अवलोकन किया जा सकता था। ‘जंतर-मंतर’ नाम को सामान्यतः यंत्र और मंत्र/सूत्र से जोड़कर समझाया जाता है।

महत्त्व: यह भारतीय इतिहास में खगोल-विज्ञान, गणित और स्थापत्य के अंतर्संबंध को दर्शाता है। ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण के साथ उनका सार्वजनिक उपयोग किस प्रकार संतुलित हो, यह भी शहरी विरासत प्रबंधन का विषय है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-1): जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक वैज्ञानिक स्मारक भारत की ज्ञान-परंपरा और स्थापत्य विरासत को समझने में किस प्रकार सहायक हैं?

MCQ 2: जंतर-मंतर का प्रमुख ऐतिहासिक उद्देश्य क्या था? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) समुद्री व्यापार का संचालन
(B) खगोलीय अवलोकन और समय-गणना
(C) सैनिक प्रशिक्षण
(D) जलविद्युत उत्पादन

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B). जंतर-मंतर की स्थापत्य संरचनाएँ खगोलीय पिंडों के अवलोकन और समय संबंधी गणनाओं के लिए बनाई गई थीं।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (GS Paper 2)

03 • संविधान, समानता एवं सामाजिक न्याय

धर्मांतरण और आरक्षण: सामाजिक श्रेणी की वैधानिक पात्रता

उपलब्ध समाचार-नोट्स में धर्मांतरण के बाद आरक्षण पात्रता से संबंधित उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उल्लेख है। इस विषय में मुख्य संवैधानिक प्रश्न यह है कि आरक्षण किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान मात्र से तय होता है या संबंधित कानूनों, अधिसूचित समुदायों और सामाजिक पिछड़ेपन के वैधानिक मानदंडों से।

विश्लेषण के बिंदु: अनुच्छेद 14 समानता, अनुच्छेद 15 भेदभाव-निषेध एवं विशेष प्रावधानों, और अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर से संबंधित हैं। अनुच्छेद 16(4) पिछड़े वर्गों के लिए प्रतिनिधित्व संबंधी विशेष प्रावधान की अनुमति देता है। किसी समुदाय की पात्रता निर्धारित करने में लागू संवैधानिक प्रावधान, केंद्रीय/राज्य सूची और संबंधित अधिसूचनाओं को देखना आवश्यक है। धार्मिक निकाय का प्रमाणपत्र अपने-आप वैधानिक आरक्षण श्रेणी निर्धारित नहीं करता।

ध्यान दें: समाचार में वर्णित विशिष्ट निर्णय, पक्षकारों और आदेश की तारीख को मूल न्यायालय आदेश से सत्यापित करके ही उद्धृत करें।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-2): आरक्षण की पात्रता निर्धारित करते समय संवैधानिक समानता, सामाजिक पिछड़ेपन और वैधानिक वर्गीकरण के बीच संतुलन की चर्चा कीजिए।

MCQ 3: सार्वजनिक रोजगार में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व से संबंधित प्रावधान कौन-सा है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) अनुच्छेद 16(4)
(B) अनुच्छेद 21A
(C) अनुच्छेद 32A
(D) अनुच्छेद 300A

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A). अनुच्छेद 16(4) राज्य को ऐसे पिछड़े वर्गों के पक्ष में नियुक्तियों या पदों में आरक्षण का प्रावधान करने की अनुमति देता है, जिनका राज्य की राय में सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।

04 • मौलिक अधिकार एवं सार्वजनिक व्यवस्था

विरोध प्रदर्शन का अधिकार और जंतर-मंतर

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और वैकल्पिक स्थलों के चयन को लेकर सार्वजनिक व्यवस्था तथा लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के बीच संतुलन का प्रश्न उठता है। शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति लोकतंत्र के महत्त्वपूर्ण अंग हैं, लेकिन ये अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात और अन्य वैध प्रतिबंधों के अधीन हो सकते हैं।

संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 19(1)(b) शांतिपूर्वक तथा बिना हथियार सभा करने का अधिकार देता है। इन अधिकारों पर संविधान में निर्धारित उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

नीतिगत संतुलन: प्रदर्शन स्थलों का चयन ऐसा हो कि सुरक्षा और आवागमन प्रबंधन संभव हो, पर प्रदर्शनकारियों की आवाज नीति-निर्माताओं तक पहुँचने का अवसर भी बना रहे। पारदर्शी अनुमति प्रक्रिया, समान नियम और न्यायिक समीक्षा महत्त्वपूर्ण हैं।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-2): लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जा सकता है?

MCQ 4: शांतिपूर्वक और बिना हथियार सभा करने का अधिकार किस अनुच्छेद में है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) अनुच्छेद 14
(B) अनुच्छेद 19(1)(b)
(C) अनुच्छेद 20
(D) अनुच्छेद 25

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B). अनुच्छेद 19(1)(b) नागरिकों को शांतिपूर्वक और बिना हथियार सभा करने का अधिकार देता है; यह अधिकार संवैधानिक उचित प्रतिबंधों के अधीन है।

05 • संघवाद एवं वित्तीय संबंध

खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम 2026: राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता

प्राप्त नोट्स के अनुसार, खान एवं खनिज कानून में संशोधनों को लेकर कुछ राज्य केंद्र के नियामक दायरे और खनिजयुक्त भूमि पर कराधिकार के प्रभाव पर आपत्ति उठा रहे हैं। विवाद का मूल प्रश्न है कि खनिज संसाधनों के नियमन और उनसे जुड़े राजस्व में केंद्र तथा राज्यों की संवैधानिक भूमिकाओं की सीमा क्या होनी चाहिए।

संघीय आयाम: खनिज-समृद्ध राज्यों के लिए रॉयल्टी, पट्टा-शुल्क और अन्य खनिज-संबंधी प्राप्तियाँ महत्त्वपूर्ण राजस्व स्रोत हो सकती हैं। यदि राज्यों की कर लगाने या राजस्व जुटाने की क्षमता सीमित होती है, तो उनके विकास व्यय और वित्तीय स्वायत्तता पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्तर पर एकरूप नियमन निवेश, पारदर्शिता और संसाधन प्रबंधन को प्रभावित कर सकता है।

विश्लेषण में शामिल करें: विधायी शक्तियों का संवैधानिक वितरण, संघीय वित्त, सहकारी संघवाद, खनिज राजस्व का स्थानीय समुदायों तक लाभ और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व। नोट्स में दिए गए राज्यवार राजस्व प्रतिशतों को मूल रिपोर्ट से सत्यापित करें।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-2): खान एवं खनिज कानून में हालिया संशोधनों से राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता और भारतीय संघीय व्यवस्था के संतुलन पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

MCQ 5: खनिज संसाधनों से संबंधित केंद्र-राज्य विवाद का प्रमुख संवैधानिक आयाम क्या है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) वित्तीय और विधायी शक्तियों का वितरण
(B) केवल स्थानीय निकायों के चुनाव
(C) राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया
(D) नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A). खनिज संसाधनों के नियमन और उनसे होने वाली आय के प्रश्न केंद्र तथा राज्यों की विधायी और वित्तीय शक्तियों के वितरण से जुड़े हैं।

06 • क्षेत्रीय संगठन एवं कूटनीति

शंघाई सहयोग संगठन (SCO): शासनाध्यक्षों की परिषद

उपलब्ध नोट्स के अनुसार, ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में 19–20 अक्टूबर को SCO शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक प्रस्तावित है। नोट्स में भारत की भागीदारी के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री की वर्चुअल भागीदारी का उल्लेख है; प्रतिनिधित्व और कार्यक्रम के विवरण को आधिकारिक घोषणा से मिलाना चाहिए।

प्रारंभिक परीक्षा के तथ्य: SCO की जड़ें 1996 के ‘शंघाई फाइव’ में हैं; संगठन का औपचारिक गठन 15 जून 2001 को हुआ। इसके प्रमुख निकायों में राष्ट्राध्यक्षों की परिषद, शासनाध्यक्षों की परिषद और बीजिंग स्थित सचिवालय शामिल हैं। क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS) ताशकंद में स्थित है। भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने। उपलब्ध नोट्स में ईरान और बेलारूस को क्रमशः 2023 और 2024 में शामिल हुए सदस्यों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

भारत के लिए महत्त्व: यूरेशिया के साथ संपर्क, आतंकवाद-रोधी सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और बहुपक्षीय संवाद। साथ ही सदस्य देशों के बीच रणनीतिक मतभेदों के कारण सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-2): यूरेशिया में भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने में SCO की उपयोगिता तथा सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।

MCQ 6: SCO की क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS) का मुख्यालय कहाँ है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) बीजिंग
(B) ताशकंद
(C) दुशांबे
(D) नई दिल्ली

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B). SCO की क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS) का मुख्यालय ताशकंद, उज्बेकिस्तान में है।

07 • संयुक्त राष्ट्र एवं वैश्विक शासन

UNSC की 2028–29 अस्थायी सीट: भारत की दावेदारी

नोट्स के अनुसार, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028–29 के कार्यकाल के लिए अस्थायी सीट की दावेदारी की घोषणा की है और चुनाव जून 2027 में होना प्रस्तावित है। अस्थायी सदस्य का चुनाव महासभा करती है; इसके लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। 193 सदस्यीय महासभा में सभी सदस्य मतदान करें तो यह संख्या 129 होगी।

कूटनीतिक चुनौतियाँ: क्षेत्रीय समूहों के भीतर प्रतिस्पर्धा, छोटे देशों को प्रतिनिधित्व देने की माँग, ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताएँ और विभिन्न क्षेत्रीय समूहों का समर्थन जुटाना। भारत की पूर्व सदस्यता और बहुपक्षीय योगदान उसके पक्ष में जा सकते हैं, लेकिन चुनाव के परिणाम को सुनिश्चित नहीं करते।

भारत की प्राथमिकताएँ: विकासशील देशों की चिंताओं को आगे रखना, संयुक्त राष्ट्र में सुधार का समर्थन, शांति स्थापना और अंतरराष्ट्रीय कानून पर रचनात्मक भूमिका निभाना तथा विभिन्न क्षेत्रीय समूहों के साथ संवाद बनाए रखना।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-2): संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी के अवसरों और कूटनीतिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

MCQ 7: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यों का चुनाव कौन करता है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) संयुक्त राष्ट्र महासभा
(B) अंतरराष्ट्रीय न्यायालय
(C) विश्व बैंक
(D) संयुक्त राष्ट्र सचिवालय अकेले

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A). सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा चुने जाते हैं और चुनाव में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है।

08 • विदेश नीति एवं ऊर्जा सुरक्षा

वैश्विक भू-राजनीति और ऊर्जा व्यापार में दोहरे मानदंड

दिए गए संपादकीय नोट्स में रूस से ऊर्जा खरीद पर भारत की आलोचना और बाद में अमेरिका द्वारा रूसी डीजल खरीदने से जुड़े कथित नीतिगत बदलाव का उल्लेख है। ऐसी घटनाएँ ऊर्जा सुरक्षा, प्रतिबंध नीति और वैश्विक शक्तियों के व्यवहार में राष्ट्रीय हितों की भूमिका पर प्रश्न उठाती हैं। विशिष्ट खरीद-मात्रा, छूट की अवधि और प्रतिबंध-संबंधी विवरणों को मूल रिपोर्ट तथा आधिकारिक दस्तावेजों से सत्यापित करना चाहिए।

भारत के लिए नीति-संबंधी बिंदु: ऊर्जा आयात में विविधता, किफायती ऊर्जा की उपलब्धता, आपूर्ति में व्यवधान से सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और भुगतान व्यवस्था का आकलन तथा प्रमुख शक्तियों के साथ संतुलित संबंध। रणनीतिक स्वायत्तता का अर्थ है राष्ट्रीय हितों के आधार पर स्वतंत्र निर्णय लेना और उसके आर्थिक-कूटनीतिक परिणामों का आकलन करना।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-2): ऊर्जा व्यापार पर प्रतिबंधों और महाशक्तियों की बदलती नीतियों के संदर्भ में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का परीक्षण कीजिए।

MCQ 8: ऊर्जा कूटनीति में रणनीतिक स्वायत्तता का सबसे उपयुक्त अर्थ क्या है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) किसी एक देश की विदेश नीति का हमेशा अनुसरण करना
(B) राष्ट्रीय हितों के आधार पर स्वतंत्र निर्णय लेना
(C) सभी देशों से व्यापार समाप्त कर देना
(D) ऊर्जा सुरक्षा को केवल घरेलू उत्पादन तक सीमित करना

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (B). रणनीतिक स्वायत्तता का अर्थ है अपने राष्ट्रीय हितों और परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेना, जबकि उनके व्यापक परिणामों को भी ध्यान में रखा जाए।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (GS Paper 3)

09 • खाद्य सुरक्षा एवं कृषि नवाचार

विश्व खाद्य दिवस 2026: “Innovate today, nourish tomorrow”

विश्व खाद्य दिवस 16 अक्टूबर को मनाया जाता है। दिए गए नोट्स में 2026 की थीम “Innovate today, nourish tomorrow” अर्थात “आज नवाचार, कल पोषण” बताई गई है। खाद्य सुरक्षा का प्रश्न केवल पर्याप्त उत्पादन तक सीमित नहीं है; इसमें पोषण, वहनीयता, वितरण, जलवायु-लचीलापन और खाद्य अपव्यय कम करना भी शामिल है।

भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था: हरित क्रांति ने खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने में योगदान दिया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र आबादी को रियायती खाद्यान्न का वैधानिक अधिकार मिला। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डिजिटलीकरण, आधार/बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ और अनाज वितरण में तकनीक का उपयोग दक्षता बढ़ाने के प्रयास हैं। तकनीक के साथ प्रमाणीकरण विफलता और पात्र लाभार्थियों के छूट जाने के जोखिम पर भी ध्यान देना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की भूमिका: FAO कृषि और खाद्य प्रणालियों पर तकनीकी सहयोग देता है; IFAD ग्रामीण आजीविका तथा कृषि निवेश को समर्थन देता है; WFP खाद्य सहायता, पोषण और सार्वजनिक वितरण प्रणालियों में दक्षता से जुड़े कार्य करता है। जलवायु-अनुकूल कृषि, मोटे अनाज, बेहतर भंडारण और कोल्ड-चेन खाद्य सुरक्षा के महत्त्वपूर्ण घटक हैं।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-3): “आज नवाचार, कल पोषण” के संदर्भ में चर्चा कीजिए कि तकनीकी प्रगति, जलवायु-अनुकूल कृषि और समावेशी नीतियाँ भारत की खाद्य सुरक्षा को किस प्रकार मजबूत कर सकती हैं। (250 शब्द, 15 अंक)

MCQ 9: भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पोर्टेबिलिटी को बढ़ाने वाली पहल कौन-सी है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड
(B) केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य
(C) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
(D) राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A). ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ पात्र लाभार्थियों को देश के भीतर अन्य स्थानों पर भी राशन प्राप्त करने की सुविधा देने के लिए बनाई गई पहल है।

10 • बैंकिंग, विनिवेश एवं आर्थिक नीति

IDBI बैंक का रणनीतिक विनिवेश

प्राप्त नोट्स में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा IDBI बैंक की रणनीतिक बिक्री को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख है। नोट्स के अनुसार प्रस्तावित सौदे में Fairfax Financial Holdings द्वारा 60.72% हिस्सेदारी के अधिग्रहण और केंद्र सरकार तथा LIC की हिस्सेदारी बेचने की बात कही गई है। सौदे की अंतिम स्थिति, राशि और नियामकीय शर्तों को आधिकारिक घोषणा से सत्यापित करना आवश्यक है।

आर्थिक संदर्भ: रणनीतिक विनिवेश में सरकार किसी सार्वजनिक उपक्रम में अपनी हिस्सेदारी घटाने या नियंत्रण हस्तांतरित करने का निर्णय ले सकती है। इसके संभावित लाभों में पूँजी जुटाना, प्रबंधन दक्षता और सरकारी संसाधनों को प्राथमिक क्षेत्रों में लगाना शामिल हैं। संभावित जोखिमों में प्रतिस्पर्धा, कर्मचारियों के हित, वित्तीय समावेशन और सार्वजनिक जवाबदेही पर प्रभाव शामिल हैं।

बैंकिंग संकेतक: सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (Gross NPA) बैंक के ऋण-पोर्टफोलियो की परिसंपत्ति गुणवत्ता का एक संकेतक है। किसी बैंक की वित्तीय स्थिति का आकलन करते समय NPA के साथ पूँजी पर्याप्तता, लाभप्रदता, प्रावधान और शासन व्यवस्था भी देखी जानी चाहिए।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-3): सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रणनीतिक विनिवेश के संभावित लाभों और जोखिमों का विश्लेषण कीजिए। यह वित्तीय क्षेत्र तथा सरकारी संसाधनों के आवंटन को कैसे प्रभावित कर सकता है?

MCQ 10: बैंकिंग क्षेत्र में सकल NPA मुख्यतः किस बात का संकेतक है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता और खराब ऋणों का स्तर
(B) केवल बैंक की शाखाओं की संख्या
(C) देश की साक्षरता दर
(D) शेयर बाजार का दैनिक कारोबार

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A). सकल NPA उन ऋणों का संकेत देता है जिनमें भुगतान निर्धारित मानकों के अनुसार अनियमित या बंद हो गया है; यह बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता के आकलन में उपयोगी है।

11 • मुद्रास्फीति एवं आपूर्ति-श्रृंखला प्रबंधन

खाद्य मुद्रास्फीति: उत्पादन पर्याप्त, फिर भी कीमतें ऊँची क्यों?

उपलब्ध नोट्स में खाद्य मुद्रास्फीति अगस्त के 5.97% से बढ़कर सितंबर में 7.74% होने का उल्लेख है। यह आँकड़ा किस सूचकांक और किस आधार पर मापा गया है, इसे मूल रिपोर्ट से मिलाना चाहिए। खाद्य कीमतों पर केवल कुल उत्पादन ही नहीं, बल्कि फसल-विशेष उपलब्धता, भंडारण, परिवहन, मौसमी उतार-चढ़ाव और बाजार तक पहुँच भी असर डालते हैं।

संभावित कारण: सब्जियों और जल्दी खराब होने वाली उपज के लिए पर्याप्त कोल्ड-चेन का अभाव, मौसम की अनिश्चितता, फसल नुकसान, बाजार में आपूर्ति की देरी और किसानों तथा उपभोक्ताओं के भंडारण संबंधी निर्णय। बफर स्टॉक अनाज की उपलब्धता में मदद कर सकता है, लेकिन सभी खाद्य पदार्थों की कीमतों को सीधे नियंत्रित नहीं करता।

नीतिगत उपाय: वैज्ञानिक भंडारण, कोल्ड-चेन और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाना, बाजार सूचना प्रणाली मजबूत करना, परिवहन की बाधाएँ कम करना और आवश्यकता के अनुसार समयबद्ध आयात/निर्यात नीति अपनाना। किसानों को बेहतर बाजार पहुँच देना तथा उपभोक्ताओं के लिए कीमतों की स्थिरता—दोनों पर ध्यान देना होगा।

मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-3): पर्याप्त खाद्यान्न उत्पादन और बफर स्टॉक होने के बावजूद खाद्य मुद्रास्फीति क्यों बढ़ सकती है? आपूर्ति-श्रृंखला और भंडारण सुधारों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

MCQ 11: खाद्य मुद्रास्फीति को कम करने में कौन-सा उपाय सबसे प्रत्यक्ष रूप से आपूर्ति-श्रृंखला की बाधा को संबोधित करता है? (उत्तर देखने के लिए टैप करें)

(A) नाशवान कृषि उपज के लिए कोल्ड-चेन और भंडारण बढ़ाना
(B) बाजार संबंधी सूचना को रोकना
(C) परिवहन लागत की अनदेखी करना
(D) सभी फसलों के लिए एक जैसी कटाई-तिथि तय करना

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (A). बेहतर कोल्ड-चेन और भंडारण से खराब होने वाली उपज का नुकसान घट सकता है और बाजार में आपूर्ति अधिक स्थिर हो सकती है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास: अतिरिक्त प्रश्न

प्रश्न 1 (GS-3 | खाद्य सुरक्षा): “आज नवाचार, कल पोषण” सतत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में नवाचार की भूमिका को रेखांकित करता है। तकनीकी प्रगति, जलवायु-अनुकूल कृषि और समावेशी नीतियाँ भारत की खाद्य सुरक्षा चुनौतियों का समाधान कैसे कर सकती हैं? (250 शब्द, 15 अंक)

प्रश्न 2 (GS-2 | राजकोषीय संघवाद): खान एवं खनिज कानून के हालिया प्रावधान राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता और भारतीय संघीय व्यवस्था के संतुलन को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं? समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (150 शब्द, 10 अंक)

ARIvidya अध्ययन रणनीति

हर विषय के लिए पाँच बिंदु तैयार करें: पृष्ठभूमि, संवैधानिक/संस्थागत आधार, प्रमुख चुनौतियाँ, सरकारी या अंतरराष्ट्रीय पहल, और आगे की राह। प्रारंभिक परीक्षा के तथ्यों को अलग से दोहराएँ और मुख्य परीक्षा में उदाहरणों के साथ संतुलित विश्लेषण प्रस्तुत करें।

संपादकीय टिप्पणी: यह पोस्ट उपलब्ध नोट्स को परीक्षा-उपयोगी रूप में व्यवस्थित करती है। विशेष रूप से न्यायालय के निर्णय, 2026 के विधायी बदलाव, आगामी बैठकों, चुनावी दावेदारियों, विनिवेश सौदे और ताज़ा महँगाई आँकड़ों जैसे समय-संवेदी दावों को मूल समाचार तथा आधिकारिक स्रोत से सत्यापित करें।

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