दैनिक समसामयिकी
1. ब्रिक्स का विस्तार और भारत की रणनीति
- ब्रिक्स का मूल उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना था।
- समय के साथ संगठन का विस्तार हुआ है और इसकी सदस्यता में वृद्धि हुई है।
- विस्तार से वैश्विक दक्षिण की सामूहिक आवाज को अधिक महत्व मिल सकता है।
- भारत बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर देता है।
- भारत के लिए चुनौती यह है कि ब्रिक्स मंच का उपयोग सहयोग के लिए हो, लेकिन किसी एक शक्ति के प्रभाव का साधन न बने।
- (क) इसका उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है।
- (ख) इसका विस्तार वैश्विक दक्षिण की प्रतिनिधित्व क्षमता को प्रभावित करता है।
- (ग) भारत ब्रिक्स को केवल सैन्य गठबंधन के रूप में देखता है।
ब्रिक्स के विस्तार ने वैश्विक दक्षिण की भूमिका को किस प्रकार प्रभावित किया है? भारत के रणनीतिक हितों के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
2. न्यू डेवलपमेंट बैंक और स्थानीय मुद्रा में वित्तपोषण
न्यू डेवलपमेंट बैंक ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित बहुपक्षीय विकास बैंक है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों तथा अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में अवसंरचना और सतत विकास परियोजनाओं के लिए वित्त उपलब्ध कराना है।
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- विदेशी मुद्रा पर निर्भरता को कम किया जा सकता है।
- मुद्रा विनिमय जोखिम को सीमित करने में सहायता मिल सकती है।
- स्थानीय पूंजी बाजारों के विकास को बढ़ावा मिल सकता है।
- विकासशील देशों के लिए वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
- (क) यह ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित बहुपक्षीय विकास बैंक है।
- (ख) इसका मुख्य उद्देश्य केवल सैन्य परियोजनाओं को वित्त देना है।
- (ग) यह स्थानीय मुद्रा में वित्तपोषण को बढ़ावा दे सकता है।
स्थानीय मुद्राओं में विकास वित्तपोषण वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में किस प्रकार परिवर्तन ला सकता है? भारत के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
3. आतंकवाद का बदलता स्वरूप और भारत की नई रणनीति
- आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम पर अधिक जोर।
- खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना।
- आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक लगाना।
- सीमा-पार आतंकवाद के विरुद्ध प्रभावी प्रतिक्रिया।
- केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय।
- पूरे समाज को आतंकवाद के विरुद्ध लामबंद करना।
वर्ष 2016 के उरी हमले के बाद की सर्जिकल स्ट्राइक, वर्ष 2019 की बालाकोट कार्रवाई और वर्ष 2025 की ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत की आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया के स्वरूप में परिवर्तन को रेखांकित किया है।
- (क) खुफिया जानकारी का समन्वय
- (ख) आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक
- (ग) अंतर-एजेंसी सहयोग
- (घ) केवल सैन्य कार्रवाई
भारत में आतंकवाद-रोधी रणनीति के बदलते स्वरूप का विश्लेषण कीजिए। प्रभावी आतंकवाद-रोधी व्यवस्था में राज्य और समाज की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
4. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता
सुरक्षा परिषद में मतभेद और वीटो व्यवस्था कई महत्वपूर्ण वैश्विक संकटों पर सामूहिक कार्रवाई को सीमित कर सकती है। इससे संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता और विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं।
- वर्तमान परिषद की संरचना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की शक्ति-संरचना को दर्शाती है।
- एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व अपर्याप्त माना जाता है।
- आज की वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक वास्तविकताएँ बदल चुकी हैं।
- बहुपक्षीय संस्थाओं में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है।
- (क) वर्तमान वैश्विक शक्ति-संरचना में परिवर्तन
- (ख) विकासशील देशों का अपर्याप्त प्रतिनिधित्व
- (ग) वैश्विक शासन को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाना
- (घ) संयुक्त राष्ट्र को समाप्त करना
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। इसमें भारत की भूमिका और दावेदारी पर चर्चा कीजिए।
5. दिव्यांगजन आरक्षण: समान अवसर और न्यायिक संरक्षण
दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और आरक्षण के लिए पात्रता का प्रश्न कई बार अभ्यर्थियों के शैक्षणिक और रोजगार संबंधी अधिकारों से जुड़ जाता है। ऐसे मामलों में प्रमाण-पत्र की वैधता, चिकित्सकीय मूल्यांकन तथा प्रशासनिक निर्णय महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
- समानता का अधिकार।
- समान अवसर का सिद्धांत।
- सामाजिक न्याय और समावेशन।
- दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का महत्व।
प्रमाण-पत्रों के संबंध में अलग-अलग चिकित्सकीय आकलन, प्रशासनिक व्याख्या और पात्रता संबंधी विवाद अभ्यर्थियों के अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया आवश्यक है।
- (क) समान अवसर सुनिश्चित करना
- (ख) सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना
- (ग) शिक्षा और रोजगार में प्रतिनिधित्व बढ़ाना
- (घ) केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना
दिव्यांगजन आरक्षण को सामाजिक न्याय और समान अवसर के साधन के रूप में समझाइए। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख चुनौतियों की चर्चा कीजिए।

