7 सितंबर 2026 — समसामयिकी | ARIvidya
अरिविद्या

7 सितंबर 2026 — सोमवार

समसामयिकी

संघ लोक सेवा आयोग एवं प्रांतीय सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा + मुख्य परीक्षा दैनिक समसामयिकी
आज के प्रमुख विषय: शहरी भवन सुरक्षा, मिलावटी शराब, न्यायिक सत्यनिष्ठा, पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह, ब्रिक्स, नकद अंतरण योजनाएँ और वन अधिकार।

1. दिल्ली में भवन ढहना: शहरी सुरक्षा एवं भवन पुनर्वास

दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में पाँच मंजिला इमारत ढहने की घटना ने शहरी भवन सुरक्षा और पुराने भवनों के पुनर्वास की आवश्यकता को रेखांकित किया। इमारत लगभग 50 वर्ष पुरानी थी और तहखाने में मरम्मत का कार्य चल रहा था।

प्रमुख कारण

  • पुराना एवं जीर्ण बुनियादी ढाँचा
  • नगर निकायों का कमजोर प्रवर्तन
  • अवैध निर्माण एवं अनधिकृत विस्तार
  • नियमित रखरखाव और संरचनात्मक परीक्षण का अभाव
  • अत्यधिक वर्षा, शहरी बाढ़ और तापीय दबाव जैसे जलवायु संबंधी जोखिम

भवन पुनर्वास

भवन पुनर्वास में पुराने या कमजोर भवनों की मरम्मत, मजबूतीकरण, संरचनात्मक पुनर्बलन, नवीनीकरण और पुनर्विकास जैसी प्रक्रियाएँ शामिल हैं। इसका उद्देश्य सुरक्षित और तकनीकी रूप से संभव होने पर भवन की उपयोगी आयु बढ़ाना है।

आगे की राह

  • पुराने भवनों का आवधिक संरचनात्मक परीक्षण
  • असुरक्षित भवनों की पहचान एवं समयबद्ध कार्रवाई
  • राष्ट्रीय भवन संहिता, 2016 के मानकों का प्रभावी अनुपालन
  • ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट आधारित संवेदक और भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग
  • शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

राष्ट्रीय भवन संहिता, 2016 मुख्यतः किससे संबंधित है?

  1. केवल भवन स्वामित्व अधिकार
  2. भवन डिजाइन, निर्माण, अग्नि सुरक्षा एवं रखरखाव के मानक
  3. केवल शहरी भूमि अधिग्रहण
  4. केवल आपदा के बाद राहत कार्य

उत्तर: (B)

मुख्य परीक्षा प्रश्न

“भारत में तीव्र शहरीकरण की तुलना में मौजूदा भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा व्यवस्था पीछे रह गई है।” भवन ढहने की घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करते हुए शहरी भवन सुरक्षा के लिए उपाय सुझाइए।

समसामयिकी की शुरुआत

2. मिलावटी शराब एवं मेथनॉल विषाक्तता

मिलावटी शराब में असुरक्षित या अनियंत्रित पदार्थों की उपस्थिति गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पैदा कर सकती है। इसका प्रमुख खतरा मेथनॉल विषाक्तता है।

मेथनॉल का खतरा

मानव उपभोग के लिए प्रयुक्त मदिरा में मुख्य अल्कोहल एथेनॉल होता है। मेथनॉल शरीर में परिवर्तित होकर फॉर्मिक अम्ल और फॉर्मेल्डिहाइड जैसे अत्यधिक विषैले पदार्थ बना सकता है।

प्रभाव

  • दृष्टि की स्थायी क्षति एवं अंधापन
  • यकृत एवं गुर्दों को क्षति
  • तंत्रिका तंत्र को नुकसान
  • भ्रम, चक्कर और दौरे
  • अचेतावस्था तथा मृत्यु

संवैधानिक पक्ष

मदिरा से संबंधित विनियमन मुख्यतः राज्य विषय है। संविधान का अनुच्छेद 47 राज्य को पोषण स्तर, जीवन स्तर और लोक स्वास्थ्य में सुधार तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मादक पेयों के निषेध का प्रयास करने का निर्देश देता है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 47 किससे संबंधित है?

  1. निःशुल्क विधिक सहायता
  2. पोषण स्तर, जीवन स्तर और लोक स्वास्थ्य में सुधार तथा मादक पेयों के निषेध का प्रयास
  3. पर्यावरण संरक्षण
  4. शिक्षा का अधिकार

उत्तर: (B)

मुख्य परीक्षा प्रश्न

मिलावटी शराब से होने वाली जनहानि केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि लोक स्वास्थ्य और शासन क्षमता की भी चुनौती है। भारत में इस समस्या के कारणों एवं समाधान का परीक्षण कीजिए।

समसामयिकी की शुरुआत

3. न्यायिक सत्यनिष्ठा एवं न्यायपालिका की जवाबदेही

न्यायपालिका में सत्यनिष्ठा और जवाबदेही लोकतांत्रिक शासन तथा जनविश्वास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। फाइल में राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से संबंधित आरोपों के संदर्भ में इस व्यापक संस्थागत प्रश्न पर चर्चा की गई है। आरोपों को न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए; उनका निपटारा स्थापित संस्थागत प्रक्रिया से होना चाहिए।

प्रमुख चुनौतियाँ

  • न्यायिक जवाबदेही की प्रभावी व्यवस्था का अभाव
  • उच्च न्यायपालिका के विरुद्ध शिकायतों से निपटने की जटिलता
  • न्यायिक स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन
  • प्रशासनिक पारदर्शिता
  • नियुक्ति एवं मामलों के आवंटन में विश्वास का प्रश्न

महत्वपूर्ण संदर्भ

न्यायाधीश जाँच अधिनियम, 1968 तथा के. वीरास्वामी बनाम भारत संघ, 1991 जैसे संदर्भ न्यायिक जवाबदेही की चर्चा में महत्वपूर्ण हैं। 2012 में न्यायिक मानक एवं जवाबदेही विधेयक के माध्यम से भी संस्थागत व्यवस्था सुदृढ़ करने की पहल हुई थी, किंतु 15वीं लोकसभा के विघटन के साथ विधेयक समाप्त हो गया।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

न्यायपालिका की स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन के लिए कौन-सा उपाय सबसे उपयुक्त है?

  1. न्यायपालिका को सभी प्रकार की जवाबदेही से मुक्त रखना
  2. कार्यपालिका को न्यायिक निर्णयों पर प्रत्यक्ष नियंत्रण देना
  3. स्वतंत्र न्यायपालिका के साथ पारदर्शी एवं संस्थागत जवाबदेही व्यवस्था विकसित करना
  4. न्यायिक नियुक्तियों को केवल संसद के अधीन करना

उत्तर: (C)

मुख्य परीक्षा प्रश्न

“न्यायिक सत्यनिष्ठा न्याय व्यवस्था में जनविश्वास की आधारशिला है।” भारत में न्यायिक सत्यनिष्ठा के समक्ष प्रमुख चुनौतियों का परीक्षण कीजिए तथा न्यायपालिका की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखते हुए जवाबदेही सुदृढ़ करने के लिए संस्थागत उपाय सुझाइए।

समसामयिकी की शुरुआत

4. EOS-05 उपग्रह एवं पृथ्वी-अवलोकन तकनीक

EOS-05 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा प्रक्षेपित पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह है। इसे भू-समकालिक कक्षा की दिशा में भेजा गया है, जिससे किसी निश्चित क्षेत्र का लगातार अवलोकन किया जा सकता है। अंतिम कक्षा लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊँचाई पर है।

उपयोग

  • बाढ़ और चक्रवात की निगरानी
  • वनाग्नि की निगरानी
  • कृषि एवं फसल आकलन
  • वन और जल निकायों का अध्ययन
  • भूमि उपयोग में परिवर्तन की निगरानी

विभिन्न तरंगदैर्घ्यों से परावर्तित संकेतों का अध्ययन करके वनस्पति, जल तथा अन्य भू-आवरणों की पहचान में सहायता मिलती है।

आपदा प्रबंधन में उपयोग

ऐसे उपग्रह भूस्खलन, भू-आकृतिक परिवर्तन, हिमनद टूटने के संभावित संकेत, हिमस्खलन तथा पराली जलाने जैसी गतिविधियों की निगरानी में उपयोगी हो सकते हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

पृथ्वी-अवलोकन उपग्रहों का निम्नलिखित में से कौन-सा उपयोग किया जा सकता है?

1. वनाग्नि की निगरानी
2. फसल आकलन
3. भूमि उपयोग में परिवर्तन की निगरानी
4. बाढ़ की निगरानी

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1, 2 और 3
  4. 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (D)

मुख्य परीक्षा प्रश्न

आपदा प्रबंधन, कृषि और पर्यावरणीय निगरानी में पृथ्वी-अवलोकन उपग्रहों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

समसामयिकी की शुरुआत

5. ब्रिक्स एवं वैश्विक दक्षिण

फाइल के अनुसार 18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। ब्रिक्स विश्व शांति, विकास, बहुपक्षवाद, आर्थिक सहयोग और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण मंच है।

प्रमुख प्राथमिकताएँ

  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों एवं सिद्धांतों का समर्थन
  • संप्रभु समानता का सम्मान
  • आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से बचाव
  • विवादों का शांतिपूर्ण समाधान
  • बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मजबूत करना
  • विश्व व्यापार संगठन की केंद्रीय भूमिका का समर्थन
  • संरक्षणवाद का विरोध
  • खुलेपन, समावेशन और परस्पर लाभकारी सहयोग को बढ़ावा

फाइल के अनुसार ब्रिक्स देश विश्व की लगभग आधी जनसंख्या, वैश्विक आर्थिक उत्पादन का लगभग 30 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का लगभग पाँचवाँ हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

ब्रिक्स के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

  1. यह केवल सैन्य सहयोग का संगठन है।
  2. इसका उद्देश्य केवल विकसित देशों के बीच व्यापार बढ़ाना है।
  3. यह आर्थिक सहयोग और वैश्विक दक्षिण की भूमिका को मजबूत करने वाला मंच है।
  4. यह संयुक्त राष्ट्र का एक अंग है।

उत्तर: (C)

मुख्य परीक्षा प्रश्न

वैश्विक शासन में वैश्विक दक्षिण की बढ़ती भूमिका के संदर्भ में ब्रिक्स के महत्व और सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।

समसामयिकी की शुरुआत

6. बिना शर्त नकद अंतरण योजनाएँ

2020 के बाद से भारत में बिना शर्त नकद अंतरण योजनाएँ विशेष रूप से महिला मतदाताओं को लक्षित करने वाली महत्वपूर्ण कल्याणकारी नीतियों के रूप में उभरी हैं।

सकारात्मक पक्ष

  • महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता
  • घरेलू एवं देखभाल संबंधी अवैतनिक कार्य की आर्थिक मान्यता को बल
  • कमजोर वर्गों की आय-सुरक्षा में सहायता

फाइल के अनुसार 2025–26 में राज्यों द्वारा ऐसी योजनाओं पर लगभग 18 अरब डॉलर खर्च किए जाने की अपेक्षा थी।

प्रमुख चिंताएँ

  • राजकोषीय घाटे पर दबाव
  • उत्पादक निवेश के लिए संसाधनों में कमी की आशंका
  • रोजगार एवं स्वरोजगार कार्यक्रमों पर संभावित प्रभाव
  • राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण योजनाओं को वापस लेने में कठिनाई
  • लाभार्थियों की सही पहचान की चुनौती

समावेशन और बहिष्करण त्रुटि

अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों की वास्तविक आय का आकलन कठिन होने के कारण भूमि स्वामित्व, बिजली खपत और घरेलू परिसंपत्तियों जैसे अप्रत्यक्ष संकेतकों का उपयोग किया जा सकता है। इससे योग्य व्यक्ति के छूट जाने या अयोग्य व्यक्ति के शामिल हो जाने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

वैकल्पिक दृष्टिकोण

सशर्त नकद अंतरण और प्रोत्साहन आधारित कल्याणकारी योजनाओं में लाभ को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य सामाजिक रूप से वांछनीय व्यवहार से जोड़ा जा सकता है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

बिना शर्त नकद अंतरण योजनाओं के संदर्भ में प्रमुख चुनौती क्या है?

  1. लाभार्थियों की पहचान में कठिनाई
  2. राजकोषीय संसाधनों पर दबाव
  3. समावेशन एवं बहिष्करण त्रुटियाँ
  4. उपर्युक्त सभी

उत्तर: (D)

मुख्य परीक्षा प्रश्न

“बिना शर्त नकद अंतरण योजनाएँ सामाजिक सुरक्षा और राजकोषीय स्थिरता के बीच संतुलन की चुनौती प्रस्तुत करती हैं।” भारत के संदर्भ में इस कथन का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

समसामयिकी की शुरुआत

7. वन अधिकार अधिनियम, 2006 एवं ग्राम सभा की भूमिका

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन और वन भूमि के गैर-वानिकी उपयोग के संदर्भ में ग्राम सभा की भूमिका महत्वपूर्ण है। फाइल के अनुसार केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के साथ चर्चा में जनजातीय कार्य मंत्रालय ने कहा कि वन स्वीकृति के लिए ग्राम सभा की 100 प्रतिशत सहमति प्राप्त करने का स्पष्ट प्रावधान अधिनियम में नहीं है।

प्रमुख प्रक्रियाएँ

  • संभावित वन अधिकार दावेदारों की पहचान
  • उनके अधिकारों की मान्यता
  • अधिकारों का निहित होना
  • संबंधित ग्राम सभाओं से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना

वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय नोडल मंत्रालय है, जबकि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

मूल चुनौती

वन संरक्षण, जनजातीय अधिकार और विकासात्मक परियोजनाओं के बीच संतुलन स्थापित करना इस विषय का केंद्रीय प्रश्न है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

  1. इसके क्रियान्वयन के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय नोडल मंत्रालय है।
  2. यह केवल शहरी क्षेत्रों में लागू होता है।
  3. इसका संबंध केवल वन विभाग की संपत्ति से है।
  4. इसमें वनवासियों के अधिकारों की कोई मान्यता नहीं है।

उत्तर: (A)

मुख्य परीक्षा प्रश्न

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्राम सभा की भूमिका का परीक्षण कीजिए। विकास परियोजनाओं, वन संरक्षण और वनवासी समुदायों के अधिकारों के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जा सकता है?

समसामयिकी की शुरुआत
© अरिविद्या · ज्ञान से प्रशासन तक

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