दैनिक समसामयिकी 26 अगस्त 2026
UPSC एवं PCS की तैयारी के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों का परीक्षा-उन्मुख विश्लेषण।
भारत–चीन: सीमा परिसीमन वार्ता
खबर में क्यों?
भारत और चीन ने विवादित सीमा के कुछ हिस्सों के परिसीमन की वार्ता को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में हुई बैठक में सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधियों की 25वीं बैठक से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई।
भारत–चीन सीमा के प्रमुख क्षेत्र
UPSC एवं PCS के लिए महत्व
- LAC एवं सीमा प्रबंधन
- भारत–चीन संबंध
- पड़ोसी देशों के साथ संबंध
- सीमा विवाद समाधान
- राष्ट्रीय सुरक्षा
प्रश्न
भारत और चीन के बीच लगातार कूटनीतिक वार्ता के बावजूद स्थायी सीमा समझौते के मार्ग में प्रमुख चुनौतियों की चर्चा कीजिए।
कॉलेजियम प्रणाली: न्यायिक नियुक्तियों में पारदर्शिता
खबर में क्यों?
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां द्वारा न्यायिक नियुक्तियों की कॉलेजियम प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता पर टिप्पणी के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आया है।
कॉलेजियम प्रणाली का विकास
| मामला | प्रमुख महत्व |
|---|---|
| प्रथम न्यायाधीश मामला — 1981 | न्यायिक नियुक्तियों में कार्यपालिका की प्रधानता |
| द्वितीय न्यायाधीश मामला — 1993 | न्यायपालिका की प्रधानता मजबूत हुई |
| तृतीय न्यायाधीश मामला — 1998 | वर्तमान पाँच सदस्यीय सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम का विकास |
प्रमुख चिंताएँ
- रिक्तियों की स्पष्ट सार्वजनिक सूचना का अभाव।
- उम्मीदवारों की पात्रता के स्पष्ट सार्वजनिक मानदंड का अभाव।
- उम्मीदवारों के मूल्यांकन की सीमित पारदर्शिता।
- जवाबदेही एवं विविधता से संबंधित प्रश्न।
- न्यायिक स्वतंत्रता और संवैधानिक जवाबदेही के बीच संतुलन।
मुख्य परीक्षा प्रश्न
“कॉलेजियम प्रणाली का उद्देश्य न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा करना है, लेकिन पारदर्शिता, जवाबदेही और विविधता से संबंधित चिंताएँ अभी भी बनी हुई हैं।” आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
भारत का युवा संकट: परीक्षा नहीं, रोजगार की चुनौती
भारत की युवा चुनौती का एक प्रमुख पहलू गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसरों की कमी है। समस्या का समाधान केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार या कोचिंग को सस्ता करने तक सीमित नहीं किया जा सकता।
संरचनात्मक समस्याएँ
- गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा तक सीमित पहुँच।
- विनिर्माण क्षेत्र का GVA में लगभग एक-छठा हिस्सा।
- कॉरपोरेट निवेश में गिरावट।
- रोजगार सृजन करने वाले मध्यम आकार के उद्यमों के लिए नियामकीय चुनौतियाँ।
मुख्य परीक्षा प्रश्न
“भारत की युवा चुनौती मूलतः रोजगार की चुनौती है, केवल परीक्षा की चुनौती नहीं।” चर्चा कीजिए।
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र: प्रतिष्ठा से विश्वसनीयता की ओर
भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को केवल तकनीकी प्रतिष्ठा के बजाय विश्वसनीयता, नियमित प्रक्षेपण, लागत-प्रतिस्पर्धा, रोजगार और दीर्घकालीन पूंजी पर अधिक ध्यान देना होगा।
विश्वसनीयता क्यों महत्वपूर्ण है?
- नेविगेशन और संचार में अंतरिक्ष अवसंरचना की भूमिका बढ़ रही है।
- नियमित प्रक्षेपण व्यावसायिक विश्वसनीयता बढ़ाते हैं।
- कम लागत वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है।
- Heavy-lift क्षमता भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत कर सकती है।
मुख्य परीक्षा प्रश्न
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को तकनीकी प्रतिष्ठा से आगे बढ़कर विश्वसनीयता और लागत-प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देना होगा। विश्लेषण कीजिए।
वायु शक्ति की सीमाएँ और थिएटर कमान की बहस
हाल के युद्धों ने दिखाया है कि वायु श्रेष्ठता अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन अकेले वायु शक्ति से युद्ध जीतना आवश्यक नहीं है।
भारत के सामने चुनौती
- भारतीय वायुसेना ने पारंपरिक रूप से परिचालन लचीलेपन को प्राथमिकता दी है।
- चीन के मोर्चे पर भौगोलिक एवं संख्यात्मक चुनौतियाँ अलग हैं।
- पर्वतीय भूगोल एयरबेस और पुनः तैनाती की क्षमता को प्रभावित करता है।
- संयुक्त सैन्य क्षमता और peacetime jointness महत्वपूर्ण हैं।
थिएटर कमान की बहस
Joint Coordination Centre मुख्यतः परामर्श और सहमति पर निर्भर करता है, जबकि थिएटर कमान स्पष्ट परिचालन अधिकार और कमान श्रृंखला प्रदान करती है। आधुनिक युद्ध के लिए संयुक्त प्रशिक्षण, साझा योजना और संस्थागत सुधार महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य परीक्षा प्रश्न
“आधुनिक युद्ध में किसी एक सैन्य सेवा पर निर्भरता के बजाय संयुक्त सैन्य क्षमता आवश्यक है।” भारत की थिएटर कमान बहस के संदर्भ में परीक्षण कीजिए।
नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समिति — CERD
संयुक्त राष्ट्र की नस्लीय भेदभाव उन्मूलन समिति (CERD) ने भारत में अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों, रोहिंग्या शरणार्थियों तथा अन्य समूहों से जुड़े मानवाधिकार उल्लंघनों की रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त की।
CERD क्या है?
CERD स्वतंत्र विशेषज्ञों की समिति है, जो नस्लीय भेदभाव के सभी रूपों के उन्मूलन से संबंधित अंतरराष्ट्रीय अभिसमय के क्रियान्वयन की निगरानी करती है।
UNCCD COP17: सूखा-लचीलापन और भूमि पुनर्स्थापन
खबर में क्यों?
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगोलिया में UNCCD सम्मेलन के दौरान सूखे के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण को प्रतिक्रियात्मक राहत से आगे बढ़ाकर सक्रिय एवं प्रौद्योगिकी-आधारित लचीलेपन की ओर ले जाने की आवश्यकता बताई।
UNCCD — याद रखें
- 1994 में अपनाया गया।
- 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन के बाद अस्तित्व में आया।
- तीन प्रमुख Rio Conventions में से एक।
- अन्य दो — UNFCCC और CBD।
- मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण और सूखे पर केंद्रित।
मुख्य परीक्षा प्रश्न
“सूखा अब केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि विकास, खाद्य सुरक्षा और जल सुरक्षा की चुनौती बनता जा रहा है।” चर्चा कीजिए।
राजस्व सुधार: तमिलनाडु की राजकोषीय चुनौती
तमिलनाडु ने अपने राजस्व आधार को मजबूत करने के लिए मोंटेक सिंह अहलूवालिया की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय Revenue Augmentation Committee गठित की है।
समिति के उद्देश्य
- स्वयं के कर राजस्व को मजबूत करना।
- गैर-कर राजस्व बढ़ाना।
- राजस्व की लोच/गतिशीलता बढ़ाना।
- राजस्व रिसाव को रोकना।
- राजकोषीय आत्मनिर्भरता बढ़ाना।



