📂 श्रेणी: 🏛️ राजव्यवस्था एवं शासन (Polity & Governance)
🏷️ टैग: वंदे मातरम्, राष्ट्रीय गीत, मूल कर्तव्य, संसद, जीएस-2, संविधान
📌 चर्चा में क्यों?
केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ लाने का निर्णय लिया है। इस संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है, ताकि इसके गायन में बाधा डालने अथवा इसका अपमान करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
प्रमुख बिंदु
- यह संशोधन राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में किया जाएगा।
- वर्तमान में यह अधिनियम मुख्यतः राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रीय गान के सम्मान की रक्षा करता है।
- प्रस्तावित संशोधन के बाद वंदे मातरम् के अपमान अथवा इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना भी दंडनीय अपराध होगा।
- यह पहल वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर की जा रही है।
परीक्षा की दृष्टि से
वंदे मातरम्
- रचनाकार – बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय
- प्रथम प्रकाशन – 1875
- उपन्यास – आनंदमठ (1882)
- संगीतबद्ध – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
- 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की कि ‘जन गण मन’ राष्ट्रीय गान तथा ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत के रूप में समान सम्मान का अधिकारी होगा।
संवैधानिक पक्ष
- अनुच्छेद 51(क) के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है कि वह संविधान, राष्ट्रीय ध्वज तथा राष्ट्रीय गान का सम्मान करे।
- संविधान में राष्ट्रीय गीत का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, किंतु स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी ऐतिहासिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
प्रारंभिक परीक्षा (PYQ)
UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2022
निम्नलिखित में से कौन-सा भारत के नागरिकों का मूल कर्तव्य है?
(A) समान नागरिक संहिता लागू करना
(B) राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रीय गान का सम्मान करना
(C) शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना
(D) पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देना
उत्तर: (B)
अभ्यास हेतु वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न: ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) राष्ट्रीय ध्वज में परिवर्तन करना
(B) वंदे मातरम् को वैधानिक संरक्षण प्रदान करना
(C) राष्ट्रीय गान में संशोधन करना
(D) राष्ट्रीय प्रतीक अधिनियम को समाप्त करना
उत्तर: (B)
व्याख्या: इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के सम्मान की रक्षा हेतु उसे वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न (15 अंक)
“राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान लोकतांत्रिक मूल्यों का महत्वपूर्ण आधार है। ‘वंदे मातरम्’ को वैधानिक संरक्षण देने के प्रस्ताव के आलोक में राष्ट्रीय सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मध्य संतुलन की आवश्यकता का परीक्षण कीजिए।”
निष्कर्ष
वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रीय गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की चेतना और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। इसके संरक्षण का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान को सुदृढ़ करना है, किंतु इसके साथ-साथ लोकतांत्रिक अधिकारों एवं संवैधानिक मूल्यों के मध्य संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।


