घटना क्या है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि यदि विदेशी दवा कंपनियाँ अगले दो वर्षों में अमेरिका में उत्पादन इकाइयाँ स्थापित नहीं करती हैं, तो अगस्त 2028 के बाद आयातित जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य अमेरिका में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और विदेशी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम करना है।

भारत विश्व का सबसे बड़ा जेनेरिक दवा उत्पादक देश है और अमेरिकी बाज़ार में लगभग 47% जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति भारतीय कंपनियाँ करती हैं। ऐसे में यह निर्णय भारतीय फार्मा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
UPSC Perspective (GS-3)
भारत का फार्मास्यूटिकल उद्योग वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश को “Pharmacy of the World” कहा जाता है क्योंकि भारत कम लागत पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं का उत्पादन करता है।
यदि अमेरिका 200% टैरिफ लागू करता है, तो भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि भारतीय जेनेरिक दवाएँ अभी भी कई देशों की तुलना में सस्ती हैं, इसलिए उनकी वैश्विक मांग पूरी तरह समाप्त होने की संभावना कम है।
यह घटना वैश्विक व्यापार संरक्षणवाद (Protectionism), आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण, मेक इन इंडिया, PLI योजना, तथा भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। भारत को नए निर्यात बाजार विकसित करने, अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश बढ़ाने तथा उच्च मूल्य वाली दवाओं के उत्पादन पर ध्यान देना होगा।
Prelims MCQ
Q. भारत के फार्मास्यूटिकल उद्योग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1.भारत विश्व का सबसे बड़ा जेनेरिक दवा उत्पादक देशों में से एक है।
2.अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यात बाज़ार है।
3.PLI योजना का उद्देश्य केवल आयात बढ़ाना है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए—
A. केवल 1 और 2
B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर: A
PYQ Link (UPSC)
UPSC Prelims 2015
भारत में दवाओं के संदर्भ में ‘जेनेरिक दवाएँ’ (Generic Medicines) क्या होती हैं?
(यह विषय जेनेरिक दवाओं की अवधारणा समझने के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।)
Mains Question (GS-3 | 15 Marks)
“वैश्विक संरक्षणवाद (Protectionism) के बढ़ते रुझान का भारत के फार्मास्यूटिकल निर्यात पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? भारतीय दवा उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने हेतु आवश्यक उपायों की चर्चा कीजिए।”


